Exclusive Interview: सत्ता, संगठन और कांग्रेस पर MP BJP अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बेबाक बोल | Video
Exclusive Interview: भारतीय जनता पार्टी के मध्यप्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने ‘सार्थक संवाद’ कार्यक्रम में हरिभूमि और IHN के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी से विशेष बातचीत में संगठन, सत्ता और कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर बेबाक विचार रखे।
खंडेलवाल ने जनसंघ के दौर से आज की सशक्त भाजपा तक की यात्रा को याद करते हुए कहा कि पहले सीमित कार्यकर्ताओं के साथ संवाद आसान था, जबकि आज विशाल संगठन को एकजुट रखना चुनौती है। डिजिटल युग में कार्यशैली बदली है, लेकिन पार्टी का ‘परिवार भाव’ आज भी कायम है, जो भाजपा की असली ताकत है।
उन्होंने कहा कि आज सांसदों-विधायकों की मजबूत उपस्थिति पुराने कार्यकर्ताओं के त्याग और संघर्ष की देन है। सत्ता में रहते हुए सबसे बड़ी जिम्मेदारी उसी विरासत और कार्यसंस्कृति को सुरक्षित रखना है।
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने वाले नेताओं पर उन्होंने साफ कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और सशक्त विचारधारा ने दूसरे दलों में मोहभंग पैदा किया है। बाहरी नेताओं को संगठन के सांचे में ढालना चुनौती जरूर है, लेकिन पार्टी इस पर गंभीरता से काम कर रही है।
अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि नामांकन से ठीक एक घंटा पहले इसकी सूचना मिली। सत्ता और संगठन के तालमेल पर उनका कहना था कि दोनों अलग भूमिकाओं में होते हुए भी लक्ष्य एक है। मुख्यमंत्री चयन पर उन्होंने शालीनता से डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व को पार्टी का सही फैसला बताया।
पूरे इंटरव्यू में खंडेलवाल का जोर एक बात पर रहा- भाजपा का उद्देश्य सिर्फ सत्ता नहीं, बल्कि उस विचारधारा को जीवित रखना है, जिसके लिए पीढ़ियों ने बलिदान दिए।
सत्ता और संगठन के भीतर क्या है असली चुनौती?
कांग्रेस क्यों खो रही है अपने नेता?
इन सभी सवालों के जवाब के लिए पूरा वीडियो इंटरव्यू जरूर देखें।
