Rajpal Yadav: राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका, चेक बाउंस मामलों में एक्टर को करना होगा सरेंडर

दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामलों में सरेंडर करने का आदेश दिया है।
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दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामलों में सरेंडर करने का आदेश दिया है। 

अभिनेता राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका लगा है। चेक बाउंस मामलों में समझौता राशि का भुगतान न करने पर एक्टर को कोर्ट ने 4 फरवरी तक आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।

Rajpal Yadav: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में फंस गए हैं। चेक बाउंस से जुड़े कई मामलों में समझौता राशि का भुगतान न करने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें सख्त निर्देश दिए हैं। ताजा आदेश के अनुसार, कोर्ट ने राजपाल नौरंग यादव को 4 फरवरी तक संबंधित जेल अधीक्षक के सामने आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।

गौरतलब है कि इस मामले में कोर्ट ने पहले भी अभिनेता को कई बार राहत दी है, लेकिन बार-बार कोर्ट को दिए गए आश्वासनों का उल्लंघन करने पर उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया गया है। क्या है राजपाल यादव का चेक बाउंस मामला, यहां जानिए...

क्या है पूरा मामला?

दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि अभिनेता ने बार-बार भुगतान को लेकर कोर्ट को दिए गए आश्वासनों का उल्लंघन किया है। ऐसे में उनकी सजा पर पहले दी गई राहत को जारी रखने का कोई आधार नहीं बचता। जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने अपने आदेश में कहा कि कोर्ट ने लंबे समय तक सिर्फ इस भरोसे पर उदारता दिखाई कि मामला आपसी सहमति से सुलझ जाएगा और शिकायतकर्ता कंपनी को भुगतान किया जाएगा।

राजपाल यादव ने कई बार मांगा समय, लेकिन भुगतान नहीं

कोर्ट ने यह भी बताया कि जून 2024 में ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा को केवल इसलिए निलंबित किया गया था ताकि समझौते की प्रक्रिया पूरी हो सके। हालांकि, बाद में पारित कई आदेशों में तय की गई शर्तों का पालन नहीं किया गया।

अदालत के अनुसार, कई मौकों पर स्पष्ट समय-सीमा तय होने के बावजूद अभिनेता करोड़ों रुपये की राशि का भुगतान करने में विफल रहे। यहां तक कि ड्राफ्ट और किश्तों के जरिए आंशिक भुगतान के जो वादे किए गए थे, वे भी तय समय में पूरे नहीं हुए।

राजपाल यादव की ओर से डिमांड ड्राफ्ट में तकनीकी या टाइपिंग बाधा का हवाला दिया गया, लेकिन कोर्ट ने इन दलीलों को भरोसे के लायक नहीं माना। अदालत ने कहा कि लगातार चूक के पैटर्न को देखते हुए ऐसे कारण स्वीकार नहीं किए जा सकते। इसके अलावा, न तो किसी सुधार के लिए औपचारिक आवेदन दिया गया और न ही तय समय पर भुगतान किया गया, जबकि हर बार भुगतान के लिए तैयार होने की बात कही जाती रही।

कोर्ट ने अभिनेता को आत्मसमर्पण के लिए जो सीमित समय दिया है, वह केवल न्याय के हित में और इस आधार पर दिया गया कि वह मुंबई में पेशेवर काम में व्यस्त हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 5 फरवरी 2026 को तय की गई है, जहां संबंधित जेल अधीक्षक से अनुपालन रिपोर्ट पेश की जाएगी।

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