Asha Bhosle Death: दिग्गज अदाकारा अरुणा ईरानी ने गायिका आशा भोसले के निधन पर गहरा दुख जताया है। एक इंटरव्यू में बात करते हुए अरुणा रो पड़ी और उन्होंने आशा ताई के साथ अपनी पुरानी यादों को साझा करते हुए उन्हें याद किया। उन्होंने कहा कि आशा भोसले सिर्फ एक बेहतरीन सिंगर ही नहीं, बल्कि बेहद मजबूत और पॉजिटिव इंसान भी थीं।
आशा भोसले को याद भावुक हुईं अरुणा
टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए अरुणा ईरानी ने कहा- "आशा भोसले का निधन संगीत जगत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानती थी; हम अक्सर मिलते, बातें करते और एक-दूसरे से हर बात साझा करते थे। उनके बारे में मैं बस एक ही बात कह सकती हूं कि निजी जीवन में इतना दुख होने के बावजूद, उनका व्यवहार ऐसा था मानो वे दुनिया की सबसे खुश इंसान हों। उनसे ज्यादा खुश इंसान इस दुनिया में है ही नहीं। ऐसे हमेशा जाती थीं सबको। वे सबसे बहुत ही गर्मजोशी से मिलती और अभिवादन करती थीं।”
अरुणा ने भावुक होकर कहा कि आशा भोसले ने अपनी जिंदगी में काफी दर्द झेला, लेकिन उन्होंने कभी उसे अपने चेहरे पर नहीं आने दिया। वह हमेशा खुद को दुनिया की सबसे खुश इंसान की तरह पेश करती थीं और हर किसी से बेहद गर्मजोशी से मिलती थीं।
उन्होंने आगे कहा कि आशा भोसले की गायकी को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। उन्होंने हर तरह के गाने- चाहे गज़ल हो, भक्ति गीत हो या फिर कैबरे और पेपी सॉन्ग हर शैली में अपनी अलग पहचान बनाई। अरुणा ने कहा- "कई ऐसे गाने भी थे जिन्हें लता मंगेशकर ने नहीं गाया, लेकिन आशा भोसले ने उन्हें अपनी आवाज़ से खास बना दिया।"
92 साल की उम्र में हुआ निधन
आशा भोसले का 12 अप्रैल को 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। पिछले कुछ महीनों से वह अस्वस्थ चल रही थीं।
उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके घर पर रखा गया, जहां उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई। बाद में मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति से जुड़े कई बड़े नाम उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
आशा भोसले हिंदी सिनेमा की सबसे सफल और बहुमुखी गायिकाओं में से एक रही हैं। उनका करियर 8 दशकों से भी ज्यादा लंबा रहा, जिसमें उन्होंने कई भाषाओं में हजारों गाने रिकॉर्ड किए। उन्हें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार और पद्म विभूषण जैसे देश के सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा गया।