शिक्षा निदेशालय ने दी चेतावनी: प्रायोगिक परीक्षा में विद्यार्थियों से लिया सेवा शुल्क तो होगी सख्त कार्रवाई

स्कूलों में होने वाली परीक्षाओं, निरीक्षणों और प्रतियोगिताओं के दौरान परीक्षकों व अधिकारियों की स्वागत परंपरा पर अब पूरी तरह रोक लगाई जाएगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को इस संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद निदेशालय ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है।
शिक्षा विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संभागीय संयुक्त निदेशक और जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय माध्यमिक) को कार्रवाई के लिए अधिकृत किया है। बोर्ड मुख्य परीक्षा की तरह ही अब प्रायोगिक परीक्षाओं की भी पूरी वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। यदि किसी विद्यालय या बाह्य परीक्षक द्वारा नियमों का उल्लंघन या अनियमितता की जाती है, तो इसकी सूचना परीक्षा से पहले या परीक्षा के दौरान बोर्ड को ई-मेल और नियंत्रण कक्ष के फोन नंबर पर देना अनिवार्य होगा।
प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए बाह्य वीक्षक के रूप में केवल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की ही नियुक्ति की जाएगी। निजी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक किसी भी स्तर पर वीक्षक नहीं बनाए जाएंगे। इसके बावजूद यदि किसी तरह से परीक्षा को प्रभावित करने का प्रयास किया गया या दबाव बनाया गया, तो संबंधित मामले की लिखित सूचना निकटतम पुलिस थाने, जिला शिक्षा अधिकारी और बोर्ड को ई-मेल व नियंत्रण कक्ष के माध्यम से देनी होगी।
इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि परीक्षा ड्यूटी पर लगाए गए किसी भी अधिकारी, कार्मिक या वीक्षक का कोई निकट संबंधी या रिश्तेदार उसी केंद्र पर परीक्षा में शामिल न हो। यदि ऐसी जानकारी सामने आती है, तो संबंधित नियंत्रण अधिकारी तुरंत ठोस कार्रवाई करेंगे। संस्था प्रधान या विषय अध्यापक यदि परीक्षक का स्वागत या मेहमान नवाजी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर दंड का प्रावधान तय किया गया है।
प्रायोगिक परीक्षाओं के दौरान परीक्षक को होटल में ठहराने, भोजन व्यवस्था करने, उपहार देने या किसी भी प्रकार के सत्कार पर भी पूरी तरह नजर रखी जाएगी। यह नियम केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विद्यालय मान्यता, क्रमोन्नति, निरीक्षण और प्रतियोगिताओं के आयोजन के दौरान नियुक्त अधिकारियों पर भी लागू होगा। सभी अधिकारी अपनी निरीक्षण रिपोर्ट उसी दिन या विशेष परिस्थिति में अगले दिन तक उच्चाधिकारियों को भेजेंगे।
गोपनीयता बनाए रखने के लिए वीक्षक और निरीक्षण अधिकारियों की जानकारी परीक्षा से एक दिन पहले ही संबंधित विद्यालय को दी जाएगी। साथ ही, छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा कि परीक्षा या निरीक्षण के दौरान किसी भी तरह का स्वागत या मेहमान नवाजी करना नियमों के विरुद्ध है।
