Pariksha Pe Charcha 2026 के दूसरे सत्र का प्रसारण 9 फरवरी 2026 को सुबह 10 बजे किया गया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक YouTube चैनल और दूरदर्शन पर लाइव देखा गया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने देशभर के छात्रों से सीधे संवाद किया और परीक्षा, जीवन और भविष्य को लेकर कई अहम संदेश दिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि आज का छात्र 2047 के भारत के लिए सोच रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर भारत को विकसित देश बनाना है, तो केवल सपने नहीं, बल्कि अपनी आदतों को भी उसी दिशा में ढालना होगा। पीएम मोदी ने बच्चों को समझाया कि सीखना किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी जिंदगी चलने वाला एक सफर है।

दूसरे सत्र की शुरुआत तमिलनाडु के छात्रों के साथ संवाद से हुई। इसके बाद यह संवाद रायपुर होते हुए गुजरात तक पहुंचा। इस दौरान प्रधानमंत्री ने जीवन में अनुशासन को सबसे अहम बताया। उन्होंने कहा कि अनुशासन प्रेरणा को मजबूती देता है, लेकिन अगर अनुशासन न हो तो वही प्रेरणा बोझ बन जाती है और निराशा पैदा करती है।

परीक्षा के तनाव को लेकर पीएम मोदी ने बच्चों को अच्छी नींद लेने और खुलकर हंसने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अच्छी नींद से दिमाग तरोताजा रहता है और नए विचार आते हैं। तनाव कम करने के लिए हंसी और सकारात्मक माहौल बेहद जरूरी है।

एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को लेकर एक छात्र की चिंता पर प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी नई तकनीक से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने समझाया कि तकनीक हमारी मदद के लिए है, लेकिन हमें उसका गुलाम नहीं बनना है। मोबाइल और एआई का इस्तेमाल उतना ही करें, जितना हमारे जीवन और पढ़ाई में वैल्यू एड करे। निर्णय लेने की क्षमता हमेशा अपने हाथ में रखें।

रिवीजन को लेकर पीएम मोदी की खास सलाह
रिवीजन से जुड़े सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षा से लगभग एक हफ्ते पहले नियमित दोहराई शुरू कर देनी चाहिए। उन्होंने खेल का उदाहरण देते हुए बताया कि जैसे खिलाड़ी रोज अभ्यास करके बेहतर बनता है, वैसे ही पढ़ाई में भी निरंतर अभ्यास जरूरी है। पीएम मोदी ने एक अनोखा तरीका भी बताया अगर कोई टॉपिक कमजोर लगे तो उसे किसी दोस्त को पढ़ाने की कोशिश करें। इससे खुद की समझ और मजबूत होती है और विषय लंबे समय तक याद रहता है।

भारत घूमने को लेकर क्या बोले पीएम मोदी
देश में घूमने की जगहों पर सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने छात्रों को सबसे पहले अपने आसपास की जगहों को जानने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अपने जिले और आसपास के पर्यटन स्थलों की सूची बनाएं और धीरे-धीरे उन्हें एक्सप्लोर करें। यात्रा से न सिर्फ ज्ञान बढ़ता है, बल्कि संस्कृति, खानपान और जीवनशैली को समझने का मौका भी मिलता है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की विविधता इतनी विशाल है कि इसे समझने के लिए एक पूरी जिंदगी भी कम पड़ सकती है।

परीक्षा पे चर्चा अब देश के सबसे बड़े शिक्षा संवाद कार्यक्रमों में शामिल हो चुका है। इसका उद्देश्य परीक्षा के दबाव को कम करना और छात्रों, अभिभावकों व शिक्षकों के बीच खुली बातचीत को बढ़ावा देना है। अधिकारी बताते हैं कि यह कोई प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सीखने और मानसिक मजबूती का मंच है।

इस साल कार्यक्रम को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। 4.5 करोड़ से ज्यादा छात्रों ने रजिस्ट्रेशन किया है, जो पिछले साल के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से भी अधिक है। आंकड़ों के अनुसार, 4.19 करोड़ से अधिक छात्र, करीब 24.84 लाख शिक्षक और 6.15 लाख अभिभावक इस पहल से जुड़ चुके हैं। यह साफ दिखाता है कि परीक्षा पे चर्चा छात्रों के बीच कितनी गहरी पहचान बना चुका है।

यहां देखिए परीक्षा पे चर्चा  2026 एपिसोड-2 का पूरा वीडियो