मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस साल प्रदेश भर से करीब 16 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और नकलमुक्त कराने के लिए पूरे प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएंगी।

नकल रोकने के लिए इस बार सख्त इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों से निगरानी होगी, वहीं प्रश्न-पत्र थानों से निकालने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। इसके अलावा हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं, जो परीक्षा के दौरान लगातार निरीक्षण करेंगे और किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई करेंगे।

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हाल ही में संशोधित टाइम टेबल भी जारी किया है, ताकि छात्रों को किसी तरह का भ्रम न हो। बोर्ड ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि यह टाइम टेबल हर छात्र तक जरूर पहुंचाया जाए, जिससे परीक्षा से जुड़ी कोई जानकारी छूट न जाए।

आंकड़ों की बात करें तो इस साल करीब 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी कक्षा 10वीं और लगभग 7 लाख छात्र 12वीं की बोर्ड परीक्षा देंगे। राजधानी भोपाल में ही 10वीं के 30,746 और 12वीं के 26,627 छात्र परीक्षा में बैठेंगे, जिनके लिए 104 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

वहीं, बोर्ड परीक्षाओं के बढ़ते दबाव को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने छात्रों और अभिभावकों के लिए अहम सलाह दी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बच्चे पर्याप्त नींद लें, संतुलित भोजन करें और पढ़ाई के बीच छोटे-छोटे ब्रेक जरूर लें। पैरेंट्स को चाहिए कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न बनाएं और उन्हें मानसिक रूप से सपोर्ट करें, ताकि छात्र पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे सकें।