हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने परीक्षाओं के शुरू होने से ऐन पहले विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। अब यदि किसी छात्र का कोई पेपर खराब हो जाता है, तो उसे साल भर का इंतजार नहीं करना होगा। परीक्षा समाप्त होने के दो सप्ताह के भीतर ही स्टूडेंट्स को दोबारा पेपर देने का अवसर प्रदान किया जाएगा। 

दो विषयों में अंक सुधारने की मिलेगी छूट
बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार शर्मा ने इस नई नीति की जानकारी देते हुए बताया कि छात्र अधिकतम दो विषयों के लिए दोबारा परीक्षा (Improvement Exam) दे सकेंगे। यह सुविधा उन विद्यार्थियों के लिए संजीवनी साबित होगी जो किसी कारणवश अपनी तैयारी के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए। इस प्रक्रिया की सबसे बड़ी खासियत यह है कि विद्यार्थी की मार्कशीट में उन्हीं अंकों को जोड़ा जाएगा, जो दोनों परीक्षाओं में से ज्यादा होंगे। यानी दोबारा परीक्षा देने पर कम अंक आने का जोखिम नहीं रहेगा।

1 अप्रैल के बाद शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया
बोर्ड चेयरमैन के अनुसार वर्तमान सत्र की वार्षिक परीक्षाएं 25 फरवरी से आरंभ हो रही हैं और इनका समापन 1 अप्रैल को होगा। जैसे ही सभी नियमित परीक्षाएं समाप्त होंगी, बोर्ड की ओर से 15 दिनों के भीतर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं होंगे, वे आवेदन कर सकेंगे। इसके तुरंत बाद नई डेटशीट जारी कर दोबारा परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी, ताकि छात्रों का शैक्षणिक सत्र खराब न हो और वे समय पर अगली कक्षा या कॉलेज में प्रवेश ले सकें।

परीक्षा के तनाव को कम करने की कोशिश
इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के मानसिक दबाव को कम करना है। बोर्ड का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सैनी की 'परीक्षा को उत्सव की तरह लें' की अपील को यह फैसला सार्थक करेगा। अक्सर छात्र एक या दो विषयों में कम अंक आने के डर से तनाव में रहते हैं, लेकिन अब उनके पास अपनी गलतियों को सुधारने का तुरंत विकल्प होगा। बोर्ड का यह निर्णय न केवल छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाएगा बल्कि ड्रॉपआउट दर को भी कम करने में मददगार साबित होगा। 

अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें और हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए haribhoomi.com के साथ।