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सीबीएसई ने पाठ्यक्रम में किया बड़ा बदलाव, अब से यह विषय भी पढ़ना जरूरी

सीबीएसई ने इस संदर्भ में सर्कुलर जारी कर दिया है।

सीबीएसई ने पाठ्यक्रम में किया बड़ा बदलाव, अब से यह विषय भी पढ़ना जरूरी

सीबीएसई के कक्षा नवमी के छात्रों को इस सत्र से वोकेशनल कोर्स का अध्ययन करना होगा। मेक इन इंडिया और कौशल विकास के कंसेप्ट से स्कूली छात्रों को जोड़ने के लिए यह प्रयास किए जा रहे हैं।

नवमी के छात्र मौजूदा सत्र से इसे पढ़ेंगे, जबकि 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए इसे अगले शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाएगा। सीबीएसई ने इस संदर्भ में सर्कुलर जारी कर दिया है।

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सीबीएसई का मानना है कि स्कूली जीवन से ही छात्रों को इससे जोड़े जाने से उन्हें आगे इसका फायदा मिलेगा। स्कूलों में कौशल विकास संबंधी उन चीजों को शामिल किया जाएगा, जिनसे उन्हें आगे नौकरी प्राप्त करने के साथ ही स्वरोजगार में भी मदद मिले।

सीबएसई के नए सर्कुलर के बाद अब फरवरी 2018 में होने वाली परीक्षा में कक्षा नवमी के विद्यार्थी एक अतिरिक्त विषय के रूप में वोकेशनल कोर्स की परीक्षा देते नजर आएंगे।

ये विषय किये गए शामिल

बेसिक एग्रीकल्चर, डायनामिक्स ऑफ रिटेलिंग, इनफर्मेशन टेक्नॉलॉजी, पर्यटन, बैंकिंग एंड सेल्स, हेल्थकेयर, ब्यूटी एंड वेलनेस, सिक्योरिटी, ऑटोमोबाइल टेक्नॉलोजी, फूड प्रोडक्शन और फ्रंट ऑफिस ऑपरेशन को सीबीएसई अपने वोकेशनल कोर्स में जगह देगा।

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छात्रों को परीक्षा आवेदन पत्र में विषयवार जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। वोकेशनल का पेपर 100 नंबर का होगा। इसमें 50 नंबर प्रायोगिक एवं 50 नंबर आंतरिक मूल्यांकन के निर्धारित हैं। इसे अतिरिक्त विषय के रूप में रखा गया है। गौरतलब है कि सीबीएसई बोर्ड ने मार्च 2017 में वोकेशनल कोर्स को अनिवार्य करने के निर्देश जारी किए थे।

अंकसूची में पांच सालों तक हो सकेगा सुधार

एक अन्य सर्कुलर में सीबीएसई ने छात्रों को राहत देते हुए अंकसूची में सुधार की अवधि पांच साल कर दी है। वर्तमान में नतीजे घोषित होने के एक वर्ष के भीतर ही छात्रों को अंकसूची में सुधार के लिए आवेदन देना होता है।

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जन्मतिथि, नाम और अंकसूची में हुई अन्य त्रुटियों में पांच सालों तक बदलाव किया जा सकेगा। फिलहाल यह नियम सिर्फ दसवीं और बारहवीं के छात्रों के लिए ही लाया गया है।

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