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Career Advice: अगर आपको भी बनना है ''एनएसजी कमांडो'', इस तरह से करें तैयारी

इस तरह से चुने जाने वाले जवानों को स्पेशल एक्शन ग्रुप में शामिल किया जाता है। इसके अलावा, स्पेशल रेंजर ग्रुप के लिए चयन सीआरपीएफ, आईटीबीपी, आरएएफ आदि से होता है।

Career Advice: अगर आपको भी बनना है

अधिकतर छात्रों को अपने करियर क्षेत्र चुनने के लिए परेशानी होती है। इस के लिए हमारे करियर एक्सपर्ट ज्ञान प्रकाश बता रहे हैं आपको किस फिल्ड में कैसे करियर बनाना चाहिए। ज्ञान प्रकाश ने कुछ छात्रों को सुझाव दिए हैं वे इस प्रकार हैं।

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मैं इंटर पीसीएम से कर रहा हूं और एनएसजी कमांडो बनकर देश की सेवा करना चाहता हूं। इसके लिए कौन-सा एग्जाम क्वालिफाई करना होगा? कृपया मार्गदर्शन करें। - देवेश पाल, भिंड

आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (एनएसजी) काम करता है। एनएसजी कमांडो को ब्लैक कैट्स भी कहते हैं। इसमें सीधी भर्ती की बजाय दो तरीके से चयन होता है। पहला, इंडियन आर्मी से और दूसरा, देश के सशस्त्र पुलिस बलों से। आर्मी के जरिए एनएसजी में जाने के लिए आपको एनडीए या सीडीएस (यूपीएससी द्वारा साल में दो बार आयोजित) क्वालिफाई करना होगा।

इस तरह से चुने जाने वाले जवानों को स्पेशल एक्शन ग्रुप में शामिल किया जाता है। इसके अलावा, स्पेशल रेंजर ग्रुप के लिए चयन सीआरपीएफ, आईटीबीपी, आरएएफ आदि से होता है। इसके जवान ज्यादातर वीआइपी सिक्योरिटी की जिम्मेदारी निभाते हैं।

एनएसजी कमांडों के रूप में तीन से पांच साल की सेवा के बाद जवानों को उनके मूल संगठन में वापस भेज दिया जाता है, ताकि इसमें ज्यादा से ज्यादा नए युवा आ सकें। इस रूप में शामिल होने के लिए यूपीएससी द्वारा आयोजित सीएपीएफ या एसएससी द्वारा आयोजित सीपीओ एग्जाम क्वालिफाई करना होगा।

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) में सीधी भर्ती के लिए समय-समय पर रिक्रूटमेंट रैली भी होती रहती है। इस बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए सीएपीएफ की साइट देख सकते हैं।

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मैंने बारहवीं के बाद इलेक्ट्रिशियन ट्रेड से आईटीआई किया है। क्या इस बेस पर मुझे गवर्नमेंट जॉब मिल सकती है? इसके लिए मुझे क्या करना चाहिए? कृपया सलाह दें। - पवन पंवार,

आईटीआई करके आप एक प्रशिक्षित इलेक्ट्रिशियन बन गए हैं। इलेक्ट्रिशियंस की जरूरत हर संस्थान को होती है, क्योंकि लाइट्स, पंखों, एसी, कंप्यूटर आदि का संचालन इलेक्ट्रिक की निर्बाध आपूर्ति के बिना नहीं हो सकता और इसे संस्थान के इलेक्ट्रिशियंस ही सुनिश्चित करते हैं। हर कंपनी की क्षमता और जरूरत के अनुसार वहां इलेक्ट्रिशियंस की नियुक्ति की जाती है।

जहां तक सरकारी संस्थानों की बात है, तो वहां आईटीआई से प्रशिक्षित इलेक्ट्रिशियंस को ही रखा जाता है। आप अखबारों में ऐसी नियुक्तियों के बारे में निकलने वाले विज्ञापनों पर नजर रखें। इसके अलावा, रेलवे, रोडवेज, पीडब्ल्यूडी, टेलीकॉम डिपार्टमेंट द्वारा इस तरह की नियुक्तियों के लिए नियमित रूप से विज्ञापन निकाले जाते हैं।

इस तरह के विज्ञापनों के लिए संस्थानों के पोर्टल्स/वेबसाइट्स आदि पर जाकर इनके करियर सेक्शन को भी खंगाल सकते हैं और वहां अपना बायोडाटा अपलोड/सेंड कर सकते हैं। थोड़े प्रयास के बाद आपको गवर्नमेंट जॉब मिल सकती है। खुद को नई तकनीकी/उपकरणों की जानकारी से लैस भी करते रहें। इससे आपकी वैल्यू बढ़ेगी।

मैंने इंटर पास किया है। मेरा सेलेक्शन मैकेनिकल ट्रेड में आईटीआई में और टेक्सटाइल स्पिनिंग ट्रेड में पॉलीटेक्निक में हुआ है। मुझे कौन-सा कोर्स ज्वाइन करना चाहिए? - प्रकाश चंद, झज्जर

मेक इन इंडिया अभियान के बाद मैकेनिकल और टेक्सटाइल में रोजगार के मौके और बढ़ते जा रहे हैं। हालांकि आईटीआई की बजाय पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा कहीं अधिक उच्च योग्यता है, जिसके आधार पर आपको टेक्सटाइल इंडस्ट्री में अच्छी जॉब मिल सकती है।

अपने प्रदर्शन से आप तरक्की की सीढ़ियां भी चढ़ सकते हैं। आप अपनी रुचि का अच्छी तरह विश्लेषण कर लें कि किसमें आपका ज्यादा मन लग सकता है। उसके बाद ही कोई अंतिम निर्णय करें।

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मैं बॉयो ग्रुप से इंटर में पढ़ रही हूं। मैं यह जानना चाहती हूं कि करियर के लिहाज से बीएससी नर्सिंग या बीफार्मा में से क्या करना ज्यादा ठीक रहेगा? कृपया दुविधा का समाधान करें। -आश्मीन सिन्हा

अच्छे करियर की संभावना तो दोनों में है, लेकिन बीएससी नर्सिंग की तुलना में बीफार्मा का स्कोप कहीं अधिक व्यापक है। नर्सिंग कोर्स करने के बाद आप सरकारी या निजी हॉस्पिटल्स में काम पा सकती हैं, जबकि फार्मा कोर्स करने के बाद हॉस्पिटल्स के अलावा मेडिसिन मैन्यु्फेक्चरिंग कंपनियों में विभिन्न पदों (जैसे-रिसर्च, मार्केटिंग-सेल्स, एनालिसिस आदि) पर काम करने का विकल्प होता है।

और उच्च योग्यता हासिल करने के बाद आप औषधि निर्माता कंपनियों में हायर पोस्ट पर जॉब पा सकती हैं। इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग, हॉस्पिटल्स में भी अच्छा अवसर होता है।

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