IMF January report: जूली कोजैक बोलीं- भारत की आर्थिक रफ्तार उम्मीद से बेहतर, IMF विकास अनुमान बढ़ाने पर कर रहा विचार

भारत की आर्थिक वृद्धि उम्मीद से बेहतर, विकास अनुमान बढ़ाने पर विचार कर रहा आईएमएफः जूली कोजैक
IMF January report: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) जनवरी में जारी होने वाले आगामी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ा सकता है। आईएमएफ की प्रवक्ता जूली कोजैक ने कहा है कि भारत की आर्थिक वृद्धि उम्मीद से बेहतर रही है, खासकर तीसरी तिमाही के आंकड़े अनुमान से अधिक मजबूत हैं। इसी कारण आईएमएफ अपने आगामी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में भारत की विकास दर के अनुमान को बढ़ाने पर विचार कर रहा है। यह इस बात का संकेत है कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था न केवल मजबूत बनी हुई है, बल्कि दुनिया की आर्थिक रफ्तार को सहारा देने में भी अहम भूमिका निभा रही है।
आईएमएफ के आर्टिकल-4 स्टाफ रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की विकास दर 6.6 प्रतिशत आंकी गई थी, जो मुख्य रूप से मजबूत उपभोग पर आधारित थी। लेकिन हालिया तिमाही नतीजों ने यह संकेत दिया है कि वास्तविक वृद्धि इससे भी बेहतर हो सकती है। जब आईएमएफ जैसी वैश्विक संस्था किसी देश के विकास अनुमान को बढ़ाने की बात करती है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, वित्तीय बाजारों और नीति-निर्माताओं के दृष्टिकोण पर भी पड़ता है। आईएमएफ के अनुसार, हाल के वर्षों में व्यापारिक झटकों, भू-राजनीतिक तनावों और वैश्विक वित्तीय सख्ती के बावजूद दुनिया की अर्थव्यवस्था अपेक्षाकृत लचीली रही है। इसमें भारत जैसे देशों की भूमिका अहम रही है।
आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा अगले सप्ताह जारी होने वाले आईएमएफ के नवीनतम आर्थिक अनुमान यह दिखाएंगे कि वैश्विक अर्थव्यवस्था अब भी व्यापार से जुड़े झटकों के बावजूद मजबूत बनी हुई है और कुल मिलाकर आर्थिक वृद्धि काफी अच्छी स्थिति में है। अक्टूबर में किए गए अनुमान संशोधन के बाद जनवरी में पेश किए जाने वाले पूर्वानुमान के बारे में जॉर्जीवा ने कहा कि तस्वीर लगभग पहले जैसी ही रहेगी। उन्होंने कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था ने असाधारण लचीलापन दिखाया है, अनेक झटकों के बावजूद वैश्विक विकास पटरी से नहीं उतरा है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही फिलहाल आर्थिक प्रदर्शन मजबूत दिख रहा हो, लेकिन जोखिम अब भी कायम हैं। उम्मीग बै रि संयुक्त राष्ट्र की यह एजेंसी 19 जनवरी को अपने वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक का ताजा संस्करण जारी करेगी। आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि मौजूदा जोखिम मुख्य रूप से भू-राजनीतिक तनावों और तेज़ी से हो रहे तकनीकी बदलावों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा हालात बेहतर भी साबित हो सकते हैं, लेकिन अगर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में किए जा रहे भारी निवश से अपेक्षित नतीजे नहीं आए, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को गंभीर वित्तीय दबाव और परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है।
(एपी सिंह की रिपोर्ट)
