अमेरिका का वेनेजुएला पर अटैक: सोने-चांदी और कच्चे तेल पर इसका क्या असर पड़ेगा? अगले हफ्ते बाजार में क्या होगा

अमेरिका का वेनेजुएला पर अटैक का असर सोने-चांदी की कीमतों पर कैसे पड़ेगा?
Gold-Silver Crude Oil Prices: नए साल 2026 की शुरुआत वैश्विक बाजारों में हल्की मजबूती के साथ हुई है। 2025 में भारी उतार-चढ़ाव देखने के बाद निवेशकों ने नए साल का आगाज सतर्क लेकिन सकारात्मक रुख के साथ किया। अमेरिकी डॉलर पहले कारोबारी सत्र में 98.5 के आसपास मजबूत बना रहा, हालांकि पिछले साल इसमें करीब 10 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए और 2025 में दर्ज किए गए डबल डिजिट रिटर्न को आगे बढ़ाया।
साप्ताहिक आधार पर डॉलर को मजबूती मिली शेयर बाजार कमजोर रहे और अमेरिका से आए आर्थिक आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे। इसमें बेहतर होम सेल्स,स्थिर मकान कीमतें,मजबूत शिकागो पीएमआई और साप्ताहिक बेरोजगारी दावों का घटकर 199000 पर आना शामिल है।
कमोडिटी बाजार में साल की शुरुआत सोने-चांदी के लिए दमदार रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 4370 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। यह 1979 के बाद का इसका सबसे मजबूत सालाना प्रदर्शन माना जा रहा। चांदी भी 2 फीसदी से ज्यादा बढ़कर 73 डॉलर के करीब पहुंची। कमजोर डॉलर, बाजार में सप्लाई की कमी और औद्योगिक मांग बढ़ने से चांदी को सपोर्ट मिला।
साप्ताहिक स्तर पर मुनाफावसूली हावी रही। कॉमेक्स पर सोना करीब 5 फीसदी गिरकर 4330 डॉलर से नीचे आ गया जबकि चांदी में 8 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई और यह 71 डॉलर के आसपास फिसल गई। सीएमई द्वारा मार्जिन बढ़ाने के बाद कई लंबी पोजिशन कटती दिखीं।
घरेलू बाजार में एमसीएक्स गोल्ड फ्यूचर्स में सोमवार को करीब 3.6 फीसदी की तेज गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले दो महीनों की सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट रही। इसके बाद कीमतें सीमित दायरे में घूम रहीं। अगर भाव 134300–133200 रुपये प्रति 10 ग्राम के सपोर्ट के ऊपर टिकते हैं, तो 138700 रुपये तक रिकवरी संभव है।
बेस मेटल्स ने साल की शुरुआत मजबूत नोट पर की। कॉपर 12450 डॉलर प्रति टन के ऊपर बंद हुआ जबकि एल्युमिनियम और जिंक में 1 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई। एल्युमिनियम 2022 के बाद पहली बार 3000 डॉलर प्रति टन के पार गया।
कच्चे तेल में भी हल्की तेजी दिखी। WTI क्रूड 57.3 डॉलर प्रति बैरल के करीब बंद हुआ। 2025 में तेल की कीमतें 20 फीसदी गिरी थीं लेकिन वेनेजुएला और रूस से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव अब बाजार को सपोर्ट दे रहे हैं।
आगे चलकर बाजारों की नजर 4 जनवरी की ओपेक की बैठक, अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट, ISM मैन्युफैक्चरिंग डेटा और चीन के CPI आंकड़ों पर रहेगी। वहीं, वेनेजुएला में बड़े सैन्य घटनाक्रम के बाद भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से सोने-चांदी और तेल में तेज हलचल की आशंका है।
(प्रियंका कुमारी)
