Trent Shares Crashed: मुनाफा बढ़ा फिर भी ट्रेंट के शेयर धड़ाम, 8% गिरावट के पीछे की क्या है असली वजह?

मुंबई। टाटा समूह की चर्चित रिटेल कंपनी ट्रेंट के शेयरों में आई हालिया गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। मंगलवार को ट्रेंट के शेयर करीब 8 प्रतिशत तक टूट गए और कंपनी का लगभग ₹13,000 करोड़ का मार्केट कैप साफ हो गया। यह गिरावट ऐसे समय में देखने को मिली, जब कंपनी ने दिसंबर तिमाही में 17 प्रतिशत की सालाना राजस्व वृद्धि दर्ज की। ऐसे में आम निवेशक के मन में यही सवाल उठता है कि जब बिक्री और मुनाफा बढ़ रहा है, तो शेयर बाजार ने इतनी सख्त प्रतिक्रिया क्यों की। असल में शेयर बाजार सिर्फ यह नहीं देखता कि कंपनी की कुल कमाई कितनी बढ़ी, बल्कि यह भी परखता है कि यह बढ़त किस तरह से आई है।
नए स्टोरों से आया कमाई का बड़ा हिस्सा
ट्रेंट की तिमाही आय बढ़कर करीब ₹5,220 करोड़ हो गई, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा नए स्टोर खोलने से आया। कंपनी ने एक ही तिमाही में 48 नए ज़ूडियो और 17 वेस्टसाइड स्टोर जोड़े। बाहर से यह विस्तार प्रभावशाली लगता है, लेकिन निवेशकों की चिंता यहीं से शुरू होती है। बाजार को सबसे ज्यादा परेशान करने वाला संकेत पुराने स्टोर्स की कमजोर होती परफॉर्मेंस है। सेम-स्टोर सेल्स और प्रति वर्ग फुट राजस्व में लगातार गिरावट देखी जा रही है। प्रति वर्ग फुट कमाई में लगभग 15.7 प्रतिशत की सालाना गिरावट दर्ज हुई है, और यह लगातार तीसरी तिमाही है जब यह आंकड़ा दो अंकों में नीचे रहा है।
पहले जैसी बिक्री नहीं कर पा रहे पुराने स्टोर
इसका सीधा मतलब है कि पुराने स्टोर पहले जितनी बिक्री नहीं कर पा रहे। निवेशकों के लिए यह एक गंभीर चेतावनी होती है, क्योंकि अगर मौजूदा स्टोर ही कमजोर पड़ रहे हों, तो केवल नए स्टोर खोलकर लंबे समय तक मजबूत ग्रोथ बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा ट्रेंट का शेयर पहले से ही ऊंची वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा था। ऐसे में जैसे ही ग्रोथ की गुणवत्ता पर सवाल उठे, बाजार ने मुनाफावसूली का रास्ता चुन लिया। ब्रोकरेज फर्मों ने भी यही संकेत दिया कि ग्रोथ उम्मीद से कमजोर रही है और फिलहाल तेजी से सुधार के संकेत साफ नजर नहीं आ रहे।
(एपी सिंह की रिपोर्ट)
