चांदी में बड़ी गिरावट: MCX पर एक दिन में 10000 लुढ़की कीमत, क्या आगे और चमक फीकी पड़ेगी?

Silver price down on mcx
Silver Slump: कमोडिटी बाजार में चांदी ने निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। गुरुवार (8 जनवरी) को एमसीएक्स पर चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला और इंट्रा-डे कारोबार में यह करीब 10 हजार प्रति किलो तक टूट गई। मुनाफावसूली,डॉलर की मजबूती और कमोडिटी इंडेक्स में बदलाव की आशंका ने मिलकर व्हाइट मेटल पर दबाव बना दिया।
एमसीएक्स पर मार्च 2026 एक्सपायरी वाली चांदी बुधवार को 250605 प्रति किलो पर बंद हुई थी। लेकिन गुरुवार को कारोबार शुरू होते ही बिकवाली हावी हो गई और कीमत सीधे 240605 के इंट्रा-डे लो तक फिसल गई। यानी एक ही सत्र में करीब 10 हजार की गिरावट ने बाजार को चौंका दिया।
क्यों आई इतनी तेज गिरावट?
बाजार जानकारों के मुताबिक,अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों बाजारों में निवेशकों ने मुनाफा काटना शुरू कर दिया। इसके साथ ही कमोडिटी इंडेक्स में संभावित रीशफलिंग को लेकर फ्यूचर्स में बिकवाली का दबाव दिखा। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर एक महीने के ऊपरी स्तर के आसपास बना हुआ। डॉलर के मजबूत होने से चांदी जैसे कमोडिटी विदेशी खरीदारों के लिए महंगी हो जाती है,जिससे मांग पर असर पड़ता है। निवेशक अब शुक्रवार को आने वाले अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल्स डेटा से पहले सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
आगे चांदी का क्या आउटलुक?
एचएसबीसी ग्लोबल रिसर्च की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक,2026 की पहली छमाही तक चांदी की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं लेकिन साल के दूसरे हिस्से में इसमें ठोस करेक्शन देखने को मिल सकता। बैंक का मानना है कि जैसे-जैसे सप्लाई बढ़ेगी और डिमांड थोड़ी ठंडी पड़ेगी, कीमतों पर दबाव आएगा।
एचएसबीसी ने बताया कि दिसंबर 2025 में चांदी $83.60 प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची थी। इसकी वजह फिजिकल मार्केट में डिलीवेरेबल मेटल की कमी,फ्यूचर्स मार्केट में तेज बैकवर्डेशन और ईटीएफ में भारी निवेश रहा। रिपोर्ट के अनुसार, ये हालात जल्दी सामान्य होने वाले नहीं हैं, इसलिए 2026 की पहली छमाही में कीमतें सपोर्ट में रह सकती हैं। हालांकि उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
निवेशकों के लिए संकेत
फिलहाल चांदी में तेज वोलैटिलिटी साफ दिख रही है। शॉर्ट टर्म में दबाव बना रह सकता है जबकि मीडियम टर्म निवेशक सपोर्ट लेवल पर नजर रखते हुए रणनीति बना सकते हैं।
