Closing Bell: पांच दिन की गिरावट के बाद निवेशकों को मिली राहत, सेंसेक्स 302 अंक चढ़ा, निफ्टी 25,790 पर बंद

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार वापसी की और लगातार पांच सत्रों की गिरावट पर ब्रेक लगा दिया।
Closing Bell, 12 January: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार वापसी की और लगातार पांच सत्रों की गिरावट पर ब्रेक लगा दिया। अमेरिकी संकेतों से मिले पॉजिटिव संकेतों के बाद निवेशकों का भरोसा लौटा, जिससे बाजार निचले स्तरों से तेज़ी के साथ उबरता दिखा।
US-India ट्रेड बातचीत से बढ़ा भरोसा
बाजार की धारणा उस वक्त मजबूत हुई जब भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने संकेत दिया कि भारत-अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता जल्द शुरू हो सकती है। इस बयान से आर्थिक सहयोग को लेकर उम्मीदें बढ़ीं और निवेशकों ने दोबारा इक्विटी में खरीदारी शुरू की।
सेंसेक्स ने दिखाई जबरदस्त रिकवरी
कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से करीब 1,100 अंक की रिकवरी करता नजर आया। अंत में सेंसेक्स 302 अंक या 0.36 फीसदी की तेजी के साथ 83,878 के स्तर पर बंद हुआ।
निफ्टी भी संभला, 25,790 पर क्लोज
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी दिन में 25,473 के निचले स्तर तक फिसल गया था, लेकिन बाद में मजबूत खरीदारी के दम पर 25,790 पर बंद हुआ। निफ्टी में 107 अंकों यानी 0.42 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।
टेक्निकल सपोर्ट से मिला सहारा
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 100-डे EMA एक मजबूत सपोर्ट साबित हुआ। यह सपोर्ट ज़ोन 25,540 से 25,600 के बीच था, जहां से बाजार ने वापसी की। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि 25,800 से 25,870 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है।
मिडकैप-स्मॉलकैप में दबाव
हालांकि, बेंचमार्क इंडेक्स में तेजी देखने को मिली, लेकिन व्यापक बाजार अभी भी दबाव में नजर आया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में हल्की गिरावट रही, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब आधा फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई।
महंगाई आंकड़ों और बजट पर नजर
अब निवेशकों की नजरें दिसंबर CPI महंगाई आंकड़ों पर टिकी हैं, जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। इसके साथ ही 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले केंद्रीय बजट को लेकर भी बाजार में सतर्कता बनी हुई है।
मेटल शेयरों में तेजी, वैल्यू बायिंग का असर
कमोडिटी सेक्टर में मजबूती देखने को मिली, खासतौर पर मेटल स्टॉक्स में सप्लाई कंस्ट्रेंट के चलते तेजी रही। इसके अलावा कंज्यूमर और बैंकिंग शेयरों में भी वैल्यू बायिंग देखने को मिली, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला।
