मुंबई। शेयर बाजार में शुक्रवार को जहां एक ओर समग्र सूचकांक मजबूती दिखा रहे थे, वहीं आईटी सेक्टर में बड़ी गिरावट देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3 प्रतिशत तक टूट गया, जिससे यह दिन का सबसे कमजोर सेक्टर बनकर उभरा। पिछले छह कारोबारी सत्रों से लगातार बढ़त दर्ज कर रहा आईटी सेक्टर आज दबाव में आ गया और इसकी तेजी पर ब्रेक लग गया। दोपहर 12 बजे के आसपास निफ्टी आईटी इंडेक्स में 3.01% की गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत सेंसेक्स 680 अंकों से ज्यादा की बढ़त के साथ 77,300 के ऊपर कारोबार करता दिखा। वहीं निफ्टी भी करीब 210 अंक चढ़कर 23,990 के करीब पहुंच गया। इससे साफ है कि बाजार का व्यापक रुख सकारात्मक रहा, लेकिन आईटी शेयरों में बिकवाली हावी रही।
बड़ी आईटी कंपनियों में तेज गिरावट
इस गिरावट में बड़ी आईटी कंपनियों का अहम योगदान रहा। इंफोसिस के शेयर में 3.5% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। टीसीएस के शेयर 3% से अधिक टूटे, जबकि एचसीएल टेक्नोलॉजीज में करीब 3% की कमजोरी आई। टेक महिंद्रा के शेयर भी 2% से ज्यादा नीचे फिसले। इन दिग्गज कंपनियों में आई गिरावट ने पूरे सेक्टर को नीचे खींच लिया। आईटी सेक्टर में यह गिरावट अचानक आई, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से इसमें लगातार तेजी बनी हुई थी।
इस बदलाव ने निवेशकों को चौंका दिया और सेक्टर में मुनाफावसूली बढ़ गई।
मिडकैप आईटी शेयरों में भी दबाव
केवल बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि मिडकैप आईटी शेयरों में भी भारी बिकवाली देखी गई। बीएसई मिडकैप इंडेक्स में कोफोर्ज, एमफैसिस, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और टाटा एलेक्सी जैसे शेयरों में 4% तक की गिरावट आई। यह संकेत देता है कि निवेशकों ने पूरे आईटी सेक्टर में एक साथ मुनाफावसूली की।
पिछले छह सत्रों में आई तेजी के बाद यह गिरावट एक तरह का करेक्शन माना जा रहा है। हालांकि, यह भी देखा गया कि आईटी सेक्टर का प्रदर्शन इस हफ्ते पहले से ही व्यापक बाजार के मुकाबले थोड़ा कमजोर रहा था।
फोकस बदला, पैसा अन्य सेक्टरों में शिफ्ट
इस गिरावट के पीछे एक बड़ा कारण निवेशकों का रुख बदलना भी माना जा रहा है। आईटी शेयरों से पैसा निकालकर निवेशक अब बैंकिंग और अन्य घरेलू सेक्टरों की ओर रुख कर रहे हैं। आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस और एसबीआई लाइफ जैसे शेयरों में 2-3% तक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा ऑटो और रियल्टी सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। यह ट्रेंड बताता है कि फिलहाल निवेशक घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े सेक्टरों को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं।
तेजी के बाद आया करेक्शन, आगे क्या संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार आईटी सेक्टर में यह गिरावट किसी बड़े संकट का संकेत नहीं, बल्कि हालिया तेजी के बाद सामान्य करेक्शन है। पिछले छह दिनों की लगातार बढ़त के बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूली की, जिससे कीमतों में गिरावट आई। हालांकि, सेक्टर की लंबी अवधि की संभावनाएं अभी भी मजबूत मानी जा रही हैं। आगे आईटी कंपनियों के नतीजे और वैश्विक आर्थिक संकेत इस सेक्टर की दिशा तय करेंगे। कुल मिलाकर, बाजार में मजबूती बनी हुई है, लेकिन सेक्टर-विशेष में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।