वाशिंगटन। अमेरिका में केंद्रीय बैंक यानी फेडरल रिजर्व के नए अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नामित केविन वॉर्श के नाम पर सीनेट में जल्द सुनवाई होने वाली है। यह जानकारी सीनेट की बैंकिंग समिति के प्रमुख रिपब्लिकन नेता टिम स्कॉट ने दी। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि अगले सप्ताह इस नामांकन पर विचार किया जाएगा, हालांकि निश्चित तिथि अभी घोषित नहीं की गई है। सीनेट की यह समिति फेड चेयर जैसे अहम पदों की पुष्टि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अमेरिका में किसी भी बड़े पद के लिए नामित व्यक्ति को पहले अपने वित्तीय विवरण और संभावित हितों के टकराव से जुड़े दस्तावेज जमा करने होते हैं। साथ ही नियमों के अनुसार सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले नोटिस देना अनिवार्य होता है।
वॉर्श की संपत्ति और हितों का खुलासा
केविन वॉर्श ने अपने वित्तीय दस्तावेज समय पर जमा कर दिए हैं, जो सार्वजनिक भी कर दिए गए हैं। इन दस्तावेजों से उनकी बड़ी संपत्ति और विभिन्न कंपनियों में उनकी भूमिकाओं की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा उनकी पत्नी जेन लॉडर की वित्तीय हिस्सेदारी भी चर्चा में है। वह प्रसिद्ध कॉस्मेटिक्स कारोबारी एस्टे लॉडर परिवार से हैं और एक निवेश फंड की संस्थापक भी हैं। वॉर्श ने साफ किया है कि अगर उन्हें फेड चेयर बनाया जाता है, तो वे उन मामलों से खुद को अलग रखेंगे जिनका संबंध एस्टे लॉडर कंपनियों या उनकी पत्नी के निवेश से होगा।
हितों के संभावित टकराव से बचने की तैयारी
वॉर्श ने यह भी वादा किया है कि वे अपनी कई वित्तीय हिस्सेदारियों को पदभार संभालने के 90 दिनों के भीतर बेच देंगे। इसके अलावा वे कई कंपनियों और संस्थानों से इस्तीफा देने के लिए भी तैयार हैं। इनमें यूपीएस, कूपांग जैसी कंपनियों के साथ-साथ स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से जुड़ी भूमिकाएं भी शामिल हैं। यह कदम इसलिए जरूरी है ताकि फेड चेयर के रूप में कोई हितों का टकराव न हो।
राजनीतिक टकराव से अटक सकती है राह
हालांकि, इस नामांकन के रास्ते में राजनीतिक बाधाएं भी सामने आ रही हैं। रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस ने चेतावनी दी है कि वे इस नामांकन का समर्थन नहीं करेंगे। उनकी मांग है कि न्याय विभाग फेड चेयर जेरोम पॉवेल के खिलाफ चल रही जांच को बंद करे। यह जांच फेड मुख्यालय के नवीनीकरण प्रोजेक्ट से जुड़े मामलों पर आधारित है। सीनेट की समिति में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत बहुत कम अंतर से है, इसलिए हर वोट महत्वपूर्ण है। यदि टिलिस अपना समर्थन नहीं देते, तो वॉर्श की पुष्टि मुश्किल में पड़ सकती है।