Closing Bell: घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के चलते निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिससे बाजार में चौतरफा खरीदारी दिखी। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 1200 अंकों से ज्यादा उछल गया जबकि निफ्टी 50 24200 के पार पहुंच गया।
दोपहर 2:10 बजे तक सेंसेक्स 1225.69 अंक यानी 1.59% की तेजी के साथ 78073.26 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 382.70 अंक यानी 1.61% चढ़कर 24225.35 पर पहुंच गया। बाजार में मजबूती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 3263 शेयरों में तेजी रही जबकि सिर्फ 447 शेयर गिरे। निफ्टी 24211 और सेंसेक्स 78111.24 पर क्लोज हुआ।
आईटी सेक्टर में अच्छी तेजी
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो सभी 16 सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में रहे। आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिला, जहां इंडेक्स 2.6% चढ़ा। मेटल इंडेक्स में 2.2% की तेजी रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जहां दोनों इंडेक्स करीब 2% तक मजबूत हुए।
मेटल शेयरों में भी रही तेजी
बाजार के दिग्गज शेयरों में भी तेजी रही। एचडीएफसी बैंक में 2.3% की बढ़त दर्ज हुई जबकि लार्सन एंड टूब्रो करीब 3% चढ़ गया। एविएशन सेक्टर में इंटरग्लोब एविएशन के शेयर 4.6% उछले। मेटल शेयरों में भी तेजी रही। हिंडाल्को 4% और नाल्को 2.5% तक चढ़े। ब्रोकरेज फर्म्स ने एल्युमिनियम कंपनियों के लिए टारगेट प्राइस बढ़ाए हैं, जिससे निवेशकों का रुझान बढ़ा।
तेल कंपनियों को भी फायदा मिला। बीपीसीएल, एचपीसीएल और इंडियन ऑयल के शेयर 2.6% से 4.1% तक चढ़े। इसकी बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट रही, जिससे इन कंपनियों का मार्जिन सुधरने की उम्मीद बढ़ी। हालांकि, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयर 2.5% गिर गए। आरबीआई ने यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस के लिए उसकी अर्जी खारिज कर दी, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी।
ईरान-अमेरिका की बातचीत के संकेत से मिला सपोर्ट
बाजार में इस तेजी के पीछे कई अहम वजहें रहीं। सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरू होने की उम्मीद है। इससे भू-राजनीतिक तनाव कम होने की संभावना बनी है। इसके अलावा ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बना हुआ है, जो बाजार के लिए राहत की बात है।
ग्लोबल मार्केट्स से भी सकारात्मक संकेत मिले। एशियाई बाजारों में जापान, कोरिया, चीन और हांगकांग के इंडेक्स हरे निशान में रहे। वहीं अमेरिकी बाजार भी मजबूती के साथ बंद हुए थे।
इसके साथ ही रुपये में मजबूती आई है और यह डॉलर के मुकाबले 20 पैसे चढ़कर 93.15 पर पहुंच गया। वहीं इंडिया VIX करीब 10% गिरकर 18.57 पर आ गया, जो बाजार में घटती अस्थिरता और बढ़ते भरोसे का संकेत है। कुल मिलाकर, ग्लोबल संकेत, कमजोर तेल कीमतें और भू-राजनीतिक उम्मीदों ने बाजार में नई ऊर्जा भर दी है।
(प्रियंका कुमारी)