Stock market closing: शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला जारी है। बुधवार को लगातार दूसरे दिन बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला, जहां बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी-50 दोनों करीब 2 फीसदी तक चढ़ गए। इस तेजी की बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान तनाव कम होने की उम्मीदें रहीं।
दोपहर करीब 2:45 बजे सेंसेक्स 1383 अंकों की तेज बढ़त के साथ 75451.61 के स्तर पर पहुंच गया जबकि निफ्टी 446 अंकों की छलांग लगाकर 23358.45 पर कारोबार करता दिखा। हालांकि, बाजार बंद होते-होते सेंसेक्स 100 अंक नीचे आ गया। इससे पहले मंगलवार को भी बाजार में शानदार तेजी रही थी जब सेंसेक्स 1372 अंक और निफ्टी करीब 400 अंक चढ़कर बंद हुए थे।
मार्च में इंडेक्स 7 फीसदी तक टूटे
हालांकि इस तेजी के बावजूद, मार्च महीने में अब तक दोनों इंडेक्स करीब 7.6% तक गिर चुके हैं। ऊंची तेल कीमतों और ऊर्जा सप्लाई की चिंता के चलते विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया था।
बैंकिंग शेयरो का तेजी में बड़ा योगदान
इस तेजी में बैंकिंग शेयरों का भी अहम योगदान रहा। एचडीएफसी बैंक के शेयर करीब 2.1% चढ़े, जो पिछले सत्र की 2.8% की तेजी के बाद और मजबूत हुए। कंपनी ने पूर्व चेयरमैन के इस्तीफे की समीक्षा के लिए बाहरी लॉ फर्म्स को शामिल किया है।
बाजार की इस तेजी के पीछे कई बड़े कारण रहे
पहला कारण: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
ब्रेंट क्रूड की कीमत 4.34% गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई। इससे भारत जैसे आयातक देशों के लिए राहत की उम्मीद बढ़ी और निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
दूसरी वजह: ग्लोबल मार्केट का सपोर्ट
एशियाई बाजारों में भी मजबूती दिखी। जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सभी हरे निशान में रहे। अमेरिका के बाजारों के भी सकारात्मक खुलने के संकेत मिले।
तीसरा कारण: अमेरिका-ईरान तनाव कम होने की उम्मीद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान से संकेत मिला कि दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही। इससे पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद जगी, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ा।
चौथा कारण: वोलैटिलिटी में कमी
इंडिया VIX यानी बाजार का डर सूचकांक 0.31% गिरकर 24.66 पर आ गया। इसका मतलब है कि बाजार में घबराहट कम हो रही है और निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है।
कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल राहत और उम्मीद का माहौल है। अगर वैश्विक हालात और तेल कीमतें काबू में रहती हैं, तो आने वाले दिनों में यह तेजी और आगे बढ़ सकती है।
(प्रियंका कुमारी)