Stock Market Recovery: भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सेशन के बीच आखिरकार हरे निशान पर बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स डे लो से करीब 1750 अंक उछलकर 185.23 पॉइंट की बढ़त के साथ 73319 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी-50 33.70 अंक चढ़कर 22713.10 पर पहुंच गया। हालांकि, इस मामूली तेजी के बावजूद बाजार में अस्थिरता बनी रही और वीकली आधार पर गिरावट का सिलसिला छठे हफ्ते भी जारी रहा।
कारोबार के दौरान बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह के सेशन में वैश्विक संकेतों के चलते सेंसेक्स 1500 अंक तक लुढ़क गया था जबकि निफ्टी 22200 के करीब फिसल गया था। लेकिन दोपहर बाद बाजार में तेज रिकवरी आई और दोनों सूचकांक नुकसान की भरपाई करते हुए हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी ने एक बार फिर अहम 22700 का स्तर हासिल कर लिया।
वैल्यू बायिंग का बाजार में दिखा असर
इस उतार-चढ़ाव के पीछे कई बड़े कारण रहे। सबसे अहम वजह रही वैल्यू बायिंग, यानी निवेशकों ने गिरावट के बाद सस्ते भाव पर शेयर खरीदने का मौका देखा। आईटी सेक्टर ने बाजार को सहारा दिया, जहां एचसीएल टेक्नोलॉजी करीब 3% और टेक महिंद्रा 2.5% तक चढ़े। वहीं पेंट और ऑटो सेक्टर दबाव में रहे। एशियन पेंट्स में 2.5% और आयशर मोटर्स में 2.4% की गिरावट दर्ज की गई।
ट्रंप के बयान से बाजार में घबराहट
वैश्विक स्तर पर भी हालात बाजार को प्रभावित करते रहे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर सख्त बयान से निवेशकों की चिंता बढ़ी। इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 109 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जिससे महंगाई को लेकर डर फिर बढ़ गया। यही वजह रही कि शुरुआती कारोबार में बाजार दबाव में रहा।
आरबीआई के कदम से रुपये में आई मजबूती
दिन के दूसरे हिस्से में एक बड़ी राहत खबर आई। आरबीआई ने रुपये में सट्टेबाजी पर लगाम कसने के लिए कुछ सख्त कदम उठाए, जिससे भारतीय मुद्रा में जोरदार मजबूती आई। रुपया करीब 2% उछलकर 92.83 प्रति डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले कई सालों में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी में से एक है। इससे बाजार में शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली और निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक लौटा।
16 में से 12 सेक्टर गिरावट में रहे
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो इस हफ्ते 16 में से 12 सेक्टर गिरावट में रहे। बैंकिंग शेयरों में 1.4% की गिरावट आई, जबकि फार्मा सेक्टर 3.4% टूटा। दूसरी ओर डिफेंस शेयरों में तेजी रही, जहां भारत इलेक्ट्रॉनिक्स 4.2% चढ़ा।
ग्लोबल संकेतों पर टिका है बाजार
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार पूरी तरह ग्लोबल संकेतों पर निर्भर है। जब तक मध्य पूर्व में तनाव बना रहेगा, तब तक बाजार में अस्थिरता जारी रह सकती। तकनीकी नजरिए से देखा जाए तो निफ्टी के लिए 22300-22000 का स्तर मजबूत सपोर्ट है जबकि 23000-23200 के बीच रेजिस्टेंस बना हुआ है।
आने वाले हफ्ते में बाजार की दिशा काफी हद तक अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
(प्रियंका कुमारी)