India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील के फ्रेमवर्क का असर सोमवार को शेयर बाजार में साफ दिखा। अमेरिका द्वारा भारतीय जेम्स और डायमंड एक्सपोर्ट पर रेसिप्रोकल टैरिफ हटाने की घोषणा के बाद जेम्स और ज्वेलरी सेक्टर के कई शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। निवेशकों का भरोसा बढ़ा और कई स्टॉक्स 3% से लेकर 17% तक चढ़ गए।
गोल्डियम इंटरनेशनल के शेयर सबसे ज्यादा चमके और 17% से ज्यादा उछलकर 428.75 रुपये पर पहुंच गए। कल्याण ज्वेलर्स इंडिया के शेयर भी 16 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 442.95 रुपये पर पहुंच गए, जिसमें कंपनी के मजबूत तीसरी तिमाही नतीजों का भी असर रहा। राजेश एक्सपोर्ट्स 5% उछलकर अपर सर्किट पर पहुंचा जबकि त्रिभोवनदास भीमजी जवेरी के शेयर 7 फीसदी से ज्यादा चढ़े। टाइटन कंपनी के शेयर करीब 3% बढ़कर रिकॉर्ड हाई के करीब पहुंच गए। वहीं सेंको गोल्ड में 8 फीसदी से ज्यादा और थंगामयिल ज्वेलरी में 9% से ज्यादा की तेजी दर्ज हुई।
दरअसल, 6 फरवरी को भारत और अमेरिका ने अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट के लिए एक फ्रेमवर्क जारी किया था। संयुक्त बयान में कहा गया कि यह समझौता दोनों देशों के बीच संतुलित और पारस्परिक व्यापार को बढ़ावा देगा और भविष्य में व्यापक द्विपक्षीय ट्रेड एग्रीमेंट की दिशा तय करेगा। इस फ्रेमवर्क के तहत अमेरिका ने जेनरिक दवाओं, जेम्स-डायमंड और एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर रेसिप्रोकल टैरिफ हटाने पर सहमति जताई, बशर्ते अंतिम समझौता सफलतापूर्वक पूरा हो।
इन कंपनियों की अमेरिकी बाजार में मजबूत मौजूदगी है और उनके राजस्व का बड़ा हिस्सा एक्सपोर्ट से आता है। इसलिए टैरिफ हटने की खबर से निवेशकों का भरोसा बढ़ा और शेयरों में तेजी आई। इससे पहले भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ट्रेड डील का जिक्र किया था और बताया था कि अमेरिका ने भारत के लिए टैरिफ 25% से घटाकर 18% करने का फैसला लिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि टेक्सटाइल, जेम्स-ज्वेलरी, गारमेंट्स, लेदर और ऑटो कंपोनेंट जैसे श्रम-प्रधान सेक्टर इस डील से सबसे ज्यादा फायदा उठा सकते हैं। आरबीएल बैंक की चीफ इकोनॉमिस्ट अनीता रंगन के मुताबिक, यह समझौता भारत के निर्यात को नई रफ्तार दे सकता है और रोजगार के अवसर भी बढ़ा सकता है।
(प्रियंका कुमारी)