US-Iran Conflict: भारत के पास 60 दिन का क्रूड ऑयल स्टॉक सुरक्षित है। वहीं, LPG उत्पादन भी बढ़ा है और 8 लाख मैट्रिक टन का आयात भी रास्ते में है। सरकार ने सप्लाई को पूरी तरह स्थिर और सुरक्षित बताया।

US-Iran Conflict: वैश्विक तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर संकट के बीच सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बड़ी जानकारी दी। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, भारत के पास फिलहाल करीब 60 दिनों का कच्चे तेल (क्रूड) का सुरक्षित स्टॉक मौजूद है और सप्लाई पूरी तरह स्थिर है।

मंत्रालय ने साफ किया कि होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट के बावजूद भारत को किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा। देश अब दुनिया के 41 से ज्यादा सप्लायर देशों से तेल खरीद रहा, जिसमें पश्चिमी देशों से बढ़ी सप्लाई ने किसी भी संभावित कमी को पूरा कर दिया।

भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल
सरकार ने उन खबरों को भी खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि भारत के पास सिर्फ 6 दिन का स्टॉक बचा। मंत्रालय के मुताबिक, देश के पास कुल 74 दिनों की भंडारण क्षमता है जबकि मौजूदा समय में करीब 60 दिन का वास्तविक स्टॉक उपलब्ध है। इसमें कच्चा तेल, तैयार पेट्रोलियम उत्पाद और रणनीतिक भंडार (कैवर्न स्टोरेज) शामिल हैं।

सभी रिफाइनरी 100 फीसदी क्षमता से काम कर रहीं
मंत्रालय ने यह भी बताया कि देश की सभी रिफाइनरी 100 फीसदी से ज्यादा क्षमता पर काम कर रही और अगले दो महीनों के लिए कच्चे तेल की खरीद पहले से तय कर ली गई। यानी आने वाले समय में भी सप्लाई को लेकर कोई खतरा नहीं है।

एलपीजी उत्पादन को भी 40 फीसदी तक बढ़ाया गया
एलपीजी यानी रसोई गैस की सप्लाई को लेकर भी सरकार ने राहत की खबर दी। देश में LPG उत्पादन को 40% तक बढ़ाया गया है, जिससे अब रोजाना 50000 मीट्रिक टन उत्पादन हो रहा। यह देश की कुल जरूरत (करीब 80 हजार मैट्रिक टन प्रतिदिन) का 60% से ज्यादा है।

इसके चलते अब आयात की जरूरत घटकर सिर्फ 30 हजार मैट्रिक टन प्रतिदिन रह गई। इसके अलावा अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों से 8 लाख मीट्रिक टन LPG पहले ही भारत के लिए रवाना हो चुका है, जो देश के 22 इंपोर्ट टर्मिनल्स पर पहुंचेगा।

सरकार के अनुसार, फिलहाल एक महीने की एलपीजी सप्लाई पूरी तरह सुनिश्चित है और आगे के लिए भी लगातार खरीद की जा रही। देश में हर दिन 50 लाख से ज्यादा गैस सिलेंडर की डिलीवरी हो रही।

मंत्रालय ने बताया कि हाल ही में घबराहट के चलते सिलेंडर की मांग 89 लाख तक पहुंच गई थी, लेकिन अब यह सामान्य होकर फिर 50 लाख पर आ गई। कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई भी 50% तक बढ़ा दी गई।

कुल मिलाकर, सरकार ने साफ संदेश दिया है कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत की तेल और गैस सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

(प्रियंका कुमारी)