मुंबई। वैश्विक बाजारों से शुक्रवार सुबह मिले मिश्रित लेकिन स्थिर संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार के शांत शुरुआत करने के आसार हैं। गिफ्ट निफ्टी करीब 63 अंकों की बढ़त के साथ 23,946 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जो हल्की तेजी का संकेत दे रहा है। हालांकि पिछले कारोबारी सत्र में घरेलू बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी। गुरुवार को एनएसई का निफ्टी 50 करीब 222 अंक यानी 0.93% टूटकर 23,775 पर बंद हुआ था। वहीं बीएसई का सेंसेक्स 931 अंकों की गिरावट के साथ 76,632 पर आ गया था। वैश्विक घटनाक्रम और निवेशकों की सतर्कता के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। आज का सत्र सीमित दायरे में रहने की संभावना जताई जा रही है।
एशियाई बाजारों में हल्की तेजी
एशियाई शेयर बाजारों में शुक्रवार सुबह सकारात्मक रुख देखने को मिला। निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच घोषित दो हफ्ते के युद्धविराम पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि यह समझौता अभी नाजुक स्थिति में है, जिससे बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स करीब 1.65% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। वहीं टॉपिक्स इंडेक्स लगभग स्थिर बना हुआ है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.68% और कोसडैक 1.14% ऊपर रहा। हांगकांग के हैंगसेंग फ्यूचर्स में भी हल्की मजबूती देखी गई।
अमेरिकी बाजारों में जोरदार उछाल
अमेरिकी शेयर बाजारों में गुरुवार को बड़ी तेजी देखने को मिली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर हमले दो हफ्तों के लिए रोकने के फैसले से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। डाउ जोन्स इंडेक्स 1,325 अंकों की उछाल के साथ 47,909 पर बंद हुआ। S&P 500 इंडेक्स में 2.51% की बढ़त दर्ज की गई। वहीं नैस्डैक कंपोजिट 2.80% चढ़कर 22,635 के स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी को वैश्विक बाजारों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हालांकि आगे की दिशा युद्धविराम की स्थिति पर निर्भर करेगी।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी
अमेरिका की जीडीपी ग्रोथ में हालिया आंकड़ों के अनुसार गिरावट दर्ज की गई है। चौथी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 0.5% रही, जो काफी कमजोर मानी जा रही है। इससे पहले तीसरी तिमाही में यह दर 4.4% थी, जो मजबूत प्रदर्शन दर्शाती थी। कुछ ही महीनों में इतनी गिरावट से आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती के संकेत मिले हैं। यह बदलाव वैश्विक निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर सकता है। कमजोर आर्थिक आंकड़े बाजार में अनिश्चितता बढ़ा सकते हैं। इसका असर उभरते बाजारों पर भी देखने को मिल सकता है।
कच्चे तेल और सोने-चांदी के दाम
कच्चे तेल की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया। डब्ल्यूटीआई क्रूड 98.45 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। ब्रेंट क्रूड करीब 96.64 डॉलर पर स्थिर बना हुआ है। सोने की कीमतों में घरेलू बाजार में तेजी देखने को मिली है। 24 कैरेट सोना लगभग 1,53,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं चांदी की कीमत 1.55% बढ़कर 2.44 लाख रुपये प्रति किलो हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हालांकि सोना और चांदी में हल्की कमजोरी देखी गई।
एफआईआई-डीआईआई का निवेश रुख
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 9 अप्रैल को बाजार में बिकवाली का रुख अपनाया। उन्होंने करीब 1,830 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने बाजार को सहारा दिया। डीआईआई ने करीब 1,204 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। इससे बाजार में गिरावट कुछ हद तक नियंत्रित रही। निवेशकों की नजर अब आगे के वैश्विक संकेतों और आर्थिक आंकड़ों पर बनी हुई है। कुल मिलाकर, बाजार फिलहाल सतर्कता के साथ आगे बढ़ता नजर आ रहा है।