अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद सोना-चांदी में हल्की रिकवरी, लेकिन तेजी सीमित रहने की आशंका। सोना 1.39 लाख और चांदी 2.26 लाख के आसपास।

Gold-Silver Up: वैश्विक तनाव के बीच गिरावट झेल रहे सोना और चांदी के दामों में 24 मार्च को हल्की रिकवरी देखने को मिली। बाजार में सुधार तब आया, जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को कुछ समय के लिए टालने का ऐलान किया। इससे निवेशकों को राहत मिली और बुलियन बाजार में थोड़ी मजबूती लौटी।

MCX पर सोना वायदा 0.29 फीसदी बढ़कर 139670 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले दिन में यह करीब 136500 रुपये तक फिसल गया था। वहीं चांदी 0.46 फीसदी बढ़कर 226196 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई, जो दिन के निचले स्तर 218108 रुपये से रिकवर हुई है।

गोल्ड-सिल्वर में तेजी रहेगी सीमित
हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी सीमित रह सकती है। LKP सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के अनुसार, अभी भी ग्लोबल माहौल पूरी तरह से अनुकूल नहीं है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई का दबाव बना हुआ है और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता भी कायम है। ऐसे में सोने की चाल फिलहाल कमजोर ही मानी जा रही है।

जियो पॉलिटिकल स्थिति पर रहेगी कीमतें
तकनीकी स्तर की बात करें तो सोना करीब 1.35 लाख रुपये के आसपास मजबूत सपोर्ट पर टिका हुआ है जबकि 1.42 लाख रुपये के आसपास रेजिस्टेंस देखा जा रहा है। यानी आने वाले दिनों में सोने की कीमतें भू-राजनीतिक खबरों पर काफी निर्भर रहेंगी और उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

गोल्ड अपने पीक से 30 फीसदी टूट चुका
दिलचस्प बात यह है कि हालिया तनाव के बावजूद सोना अपने पारंपरिक सेफ हेवन रोल में पूरी तरह खरा नहीं उतर पाया। 23 मार्च को बुलियन बाजार में भारी गिरावट देखी गई थी, जहां सोना अपने पीक से करीब 30 फीसदी टूटकर 1.35 लाख रुपये तक आ गया था। वहीं चांदी में तो 50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी।

डॉलर इंडेक्स कमजोर हुआ तो सोना चढ़ सकता
मार्केट एक्सपर्ट और केडियानॉमिक्स के संस्थापक सुशील केडिया का मानना है कि अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन चार्ट पैटर्न कुछ बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं। उनके मुताबिक, अगर डॉलर इंडेक्स कमजोर होता है तो सोना और चांदी में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है।

डॉलर इंडेक्स कम हुआ तो सोना 30 फीसदी चढ़ सकता

केडिया का अनुमान है कि आने वाले 10-12 हफ्तों में डॉलर करीब 10 फीसदी गिर सकता है और 90 के नीचे जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो सोने में करीब 30 फीसदी और चांदी में 50 फीसदी तक की तेजी संभव है। यानी चांदी 2 लाख से बढ़कर 3 लाख रुपये तक पहुंच सकती है, जबकि सोना भी मजबूत उछाल दिखा सकता है।

इधर रुपये पर दबाव बना हुआ है। भारतीय मुद्रा करीब 93.90 के स्तर पर कमजोर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ईरान को लेकर शांति वार्ता में ठोस प्रगति नहीं होती, तब तक रुपये पर दबाव बना रह सकता है।

कुल मिलाकर, फिलहाल बुलियन बाजार में राहत की सांस जरूर मिली है, लेकिन आगे का रास्ता पूरी तरह ग्लोबल घटनाक्रम, डॉलर की चाल और तेल की कीमतों पर निर्भर करेगा।

(प्रियंका कुमारी)