LG Electronics share: एक माह में 8.24% टूटा एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर, जानिए क्या है इस गिरावट की वजह

LG Electronics share fall
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एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के शेयरों में एक माह में 8.25 फीसदी की गिरावट आई है।

LG Electronics India के शेयर एक महीने में 8% से ज्यादा टूट गए हैं। जानिए गिरावट के पीछे लॉक-इन खत्म होने से लेकर ब्रोकरेज रिपोर्ट तक की पूरी वजह।

LG Electronics share fall: एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के शेयरों में एक माह में 8.25 फीसदी की गिरावट आई है। तेज गिरावट ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। शेयर का रिकॉर्ड निचले स्तर तक फिसल जाना इस बात का संकेत है कि बाजार में फिलहाल इस स्टॉक को लेकर दबाव बना हुआ है। जब किसी कंपनी का शेयर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच जाता है, तो इसका मतलब यह होता है कि बिकवाली का रुख मजबूत है और निवेशक निकट भविष्य को लेकर सतर्क हो गए हैं। दिन के दौरान हल्की खरीदारी के प्रयास जरूर दिखे, लेकिन वे शेयर को स्थिर करने में नाकाम रहे, जिससे कमजोरी की स्थिति बनी रही।

इस गिरावट की प्रमुख वजह कंपनी के शेयरों का लॉक-इन पीरियड समाप्त होना माना जा रहा है। आईपीओ के बाद कुछ समय तक प्रमोटर्स, शुरुआती निवेशकों या कर्मचारियों को अपने शेयर बेचने की अनुमति नहीं होती। जैसे ही यह अवधि पूरी होती है, बाजार में यह आशंका पैदा हो जाती है कि अब अतिरिक्त शेयर बिक्री के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। भले ही इसका यह मतलब नहीं होता कि सभी शेयर तुरंत बाजार में आ जाएंगे, लेकिन केवल इस संभावना से ही निवेशकों की धारणा प्रभावित होती है और वे सतर्क होकर मुनाफावसूली की ओर बढ़ सकते हैं।

एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के मामले में तीन महीने के लॉक-इन के खत्म होने से कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग दो प्रतिशत हिस्सा अब बिक्री के लिए उपलब्ध हो गया है। पिछले कारोबारी सत्र के भाव के आधार पर इन शेयरों की कीमत हजारों करोड़ रुपए में आंकी जा रही है। इतनी बड़ी संभावित सप्लाई का अनुमान ही शेयर पर दबाव बनाने के लिए काफी होता है। यही वजह रही कि शेयर तेजी से नीचे फिसला और नया निचला स्तर बना बैठा। इस दबाव को हाल में आई ब्रोकरेज रिपोर्ट्स ने भी बढ़ाया है। एक प्रमुख ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी पर कवरेज शुरू करते हुए अपेक्षाकृत कम टारगेट प्राइस तय किया है।

रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में प्रतिस्पर्धा पहले से कहीं ज्यादा तेज हो चुकी है और ग्राहकों की मोलभाव करने की क्षमता भी बढ़ गई है। हालांकि कंपनी की मजबूत ब्रांड पहचान और व्यापक वितरण नेटवर्क को उसकी ताकत माना गया, फिर भी निकट अवधि में शेयर के प्रदर्शन को लेकर सतर्कता जताई गई। अगर अब तक के सफर पर नजर डालें तो एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया का आईपीओ काफी चर्चा में रहा था। शेयर ऊंचे प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ और पहले ही दिन रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। लेकिन लिस्टिंग के कुछ ही महीनों में इसमें करीब बीस प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। इसका मतलब यह है कि शुरुआती उत्साह के बाद अब बाजार कंपनी के मूल्यांकन और भविष्य की संभावनाओं को ज्यादा सख्ती से परख रहा है।

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