रुपया 1.5% तक मजबूत: भारत-यूएस ट्रेड डील का असर, 12 साल में तीसरी सबसे बड़ी इंट्रा डे तेजी

Indian Rupee vs US Dollar After india us trade deal
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Indian Rupee vs US Dollar After india us trade deal 

Indian Rupee vs US Dollar: भारत-यूएस ट्रेड डील के बाद भारतीय रुपये ने 1.5% तक साप्ताहिक मजबूत रैली दी। यह पिछले 12 वर्षों में तीसरी सबसे बड़ी इंट्राडे तेजी है।

Indian Rupee vs US Dollar: भारतीय रुपये ने मंगलवार को विदेशी मुद्रा बाजार में ऐसा दम दिखाया, जो पिछले 12 साल में बहुत कम देखने को मिला। 3 फरवरी 2026 को डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 1.5 प्रतिशत तक मजबूत हुआ। आंकड़ों के मुताबिक, 2014 के बाद यह ऐसा मौका है जब रुपया इतनी तेज़ी से इंट्राडे में चढ़ा हो, और यह सिर्फ 10वीं बार हुआ।

इस तेज़ी की सबसे बड़ी वजह बनी भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ (जैसे को तैसा) 25 प्रतिशत से घटाकर 18 फीसदी कर दिया। इस फैसले ने बाजार में तुरंत पॉजिटिव सेंटिमेंट पैदा कर दिया।

भारतीय रुपया 1 फीसदी से ऊपर चढ़ा

दोपहर के कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 90.20 के स्तर तक पहुंच गया। यह बढ़त इतनी मजबूत थी कि इसे 2014 के बाद तीसरी सबसे बड़ी इंट्राडे रैली माना जा रहा। इससे पहले सबसे बड़ी मजबूती 18 दिसंबर 2018 (1.62%) और 11 नवंबर 2022 (1.51%) को दर्ज की गई थी। अब 3 फरवरी 2026 का यह उछाल भी उसी खास लिस्ट में शामिल हो गया है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील से रुपया मजबूत

ट्रेड डील के साथ-साथ एक और बड़ा फैक्टर रहा भारत का यह संकेत कि वह रूस से तेल खरीद कम कर अमेरिका और संभावित रूप से वेनेजुएला से आयात बढ़ा सकता। इससे भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्तों को लेकर निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ।

करेंसी एक्सपर्ट्स का मानना है कि टैरिफ 18 प्रतिशत तक लाना भारत के लिए फायदे का सौदा है क्योंकि यह पड़ोसी देशों की तुलना में भारतीय एक्सपोर्टर्स को कॉम्पिटिटिव एडवांटेज देता है। इससे आने वाले समय में एफपीआई फ्लो में भी सुधार देखने को मिल सकता। हालांकि, जानकार यह भी साफ कर रहे हैं कि रुपया एकतरफा नहीं चढ़ेगा।

आरबीआई की इंटरवेंशन पॉलिसी, एक्सपोर्टर्स की हेजिंग और ग्लोबल ट्रेंड्स इसकी चाल तय करेंगे। फिलहाल बाजार को उम्मीद है कि रुपया 89 से 91 के दायरे में बना रह सकता है। कुल मिलाकर, भारत-यूएस ट्रेड डील ने रुपये को मजबूत सहारा दिया है, लेकिन आगे की चाल संतुलन और सतर्कता के साथ ही तय होगी।

(प्रियंका कुमारी)

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