India–US trade deal: पीयूष गोयल ने ट्रेड डील पर दी बड़ी जानकारी, बताया कब तक समझौता होगा?

India–US trade deal first tranche nearly ready
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India–US trade deal first tranche nearly ready

India–US trade deal: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण कुछ ही दिनों में लागू होने वाला है। संयुक्त बयान के बाद टैरिफ में 18 फीसदी कटौती से कारोबारियों को राहत मिलेगी। मार्च मध्य तक व्यापक समझौते पर हस्ताक्षर का लक्ष्य है।

India–US trade deal: भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय व्यापार समझौते का पहला चरण अब लगभग तैयार है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि अगले चार-पांच दिनों में दोनों देशों का संयुक्त बयान जारी हो सकता और उसके बाद एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए टैरिफ में करीब 18% की कटौती लागू हो जाएगी।

पीयूष गोयल ने इसे भारत के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि भारत अब तक रिकॉर्ड आठ व्यापार समझौते कर चुका और अमेरिका के साथ बीटीए का पहला चरण नौवां समझौता होगा। इससे कारोबारियों को तुरंत राहत मिलेगी और दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते और मजबूत होंगे।

मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि भारत जल्द ही खाड़ी सहयोग परिषद के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस पर हस्ताक्षर करने जा रहा। भारत और जीसीसी देशों के बीच व्यापार इस समय 179 अरब डॉलर तक पहुंच चुका। गोयल के मुताबिक, 6 जीसीसी देशों के साथ व्यापक एफटीए से निवेश बढ़ेगा, नीतियों में स्थिरता आएगी और खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। खाद्य प्रसंस्करण और पेट्रोकेमिकल्स जैसे सेक्टर को खास फायदा होने की उम्मीद है, जिससे भारतीय किसान और उद्योग दोनों लाभान्वित होंगे।

यह बयान उस समय आया है जब हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के बाद भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा की थी। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका भारतीय आयात पर लगाए जाने वाले पारस्परिक टैरिफ को 25 से घटाकर 18% करेगा जबकि भारत अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाएं कम करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया था कि भारत रूसी तेल की खरीद समाप्त करने पर सहमत हो गया।

लोकसभा में गोयल ने बताया कि पिछले एक साल से दोनों देशों की टीमें नियमित और गहन बातचीत कर रही। विभिन्न स्तरों पर कई दौर की बातचीत के जरिए संवेदनशील क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और पारस्परिक लाभ वाला समझौता तैयार किया गया है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी और जटिल वार्ता में दोनों देशों का अपने हितों की रक्षा करना स्वाभाविक है लेकिन लक्ष्य एक मजबूत और दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी बनाना है।

(प्रियंका कुमारी)

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