ITR Refund delay: इनकम टैक्स रिफंड नहीं आया? घबराने की जरूरत नहीं, जानें देरी की वजहें और क्या करें

इनकम टैक्स रिटर्न में डिले हो रहा तो क्या करें।
ITR Refund delay: अगर आपने वित्त वर्ष 2024-25 का इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर दिया। ई-वेरिफिकेशन भी हो चुका लेकिन अब तक रिफंड खाते में नहीं आया तो आप अकेले नहीं हैं। इस समय बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स इसी स्थिति से गुजर रहे। हालांकि, यह जानना जरूरी है कि आयकर विभाग अभी कानूनी समयसीमा के भीतर ही है।
आयकर अधिनियम की धारा 143 (1) के तहत विभाग को फाइनेंशियल ईयर 2025 के रिटर्न प्रोसेस करने के लिए 31 दिसंबर 2026 तक का वक्त मिला। कई बार रिटर्न फाइल होने और वेरिफाई होने के बाद भी रिफंड आने में कई महीने लग जाते। टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक,अगर सीपीसी तय समय में रिटर्न प्रोसेस नहीं करता और मामला असेसमेंट या री-असेसमेंट में नहीं जाता, तो टैक्सपेयर्स को उनके रिफंड के साथ धारा 244A के तहत ब्याज भी मिलना चाहिए।
रिफंड में देरी की बड़ी वजहें
रिफंड अटकने के पीछे कई तकनीकी और प्रक्रियात्मक कारण हो सकते। सबसे आम वजह आईटीआर में दिखाई गई आय और फॉर्म 26AS या AIS के आंकड़ों में अंतर है। इसके अलावा बैंक अकाउंट डिटेल्स में गलती, अकाउंट का वैलिडेट न होना, बिना पात्रता के डिडक्शन या छूट क्लेम करना भी रुकावट बनता।
कई मामलों में आईटीआर समय पर ई-वेरिफाई नहीं किया जाता, जिससे प्रोसेसिंग रुक जाती। वहीं, बड़े या असामान्य वित्तीय लेनदेन होने पर रिटर्न अतिरिक्त जांच के लिए चुना जा सकता है। विभागीय सिस्टम से जुड़ी देरी भी एक वजह है। हाल के महीनों में NUDGE कैंपेन, जैसे विदेशी संपत्ति की रिपोर्टिंग और फर्जी डोनेशन क्लेम, की वजह से ऑटोमैटिक स्क्रूटनी बढ़ी है, जिससे रिफंड प्रोसेसिंग धीमी हुई है।
अगर रिफंड नहीं आया तो क्या करें?
सबसे पहले इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन कर रिटर्न का स्टेटस जांचें-प्रोसेस्ड,अंडर प्रोसेस या डिफेक्टिव। जब तक रिटर्न प्रोसेस नहीं होगा, रिफंड जारी नहीं होगा। इसके बाद बैंक अकाउंट डिटेल्स दोबारा चेक करें। अकाउंट पैनकार्ड से लिंक और वैलिडेट होना जरूरी है। नाम, आईएफएससी या अकाउंट नंबर में जरा-सी गलती रिफंड फेल कर सकती। यह भी देखें कि कहीं कोई पुराना टैक्स बकाया तो नहीं है। बकाया होने पर रिफंड उससे एडजस्ट हो सकता है। अगर AIS या 26AS से जुड़ा कोई नोटिस आया है, तो उसका जवाब तुरंत दें।
अगर रिटर्न प्रोसेस हो चुका है लेकिन पैसा नहीं आया, तो ई-निवारण या CPGRAMS के जरिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। देरी ज्यादा हो तो टैक्स एक्सपर्ट की मदद लेना भी समझदारी हो सकती है।
