तेल कंपनियों के शेयरों को लगे पंख: एचपीसीएल, IOC के शेयर 4% तक उछले, क्यों आई तेजी?

shares of oil marketing companies (OMC) jumped
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तेल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। 

एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसी के शेयरों में 2 से 4 फीसदी तक का उछाल आया। तेल की गिरती कीमतों से बाजार में रौनक आई।

शेयर बाजार में तेल मार्केटिंग कंपनियों के शेयर शुक्रवार (16 जनवरी) को मजबूती के साथ ऊपर आए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान तनावों में कमी के बीच एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसी के शेयरों ने तेजी दिखाई। इस उछाल से निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लौटी और ओएमसी सेक्टर पर सकारात्मक सेंटीमेंट देखने को मिला।

एचपीसीएल के शेयर करीब 4 प्रतिशत चढ़कर 456.50 पर ट्रेड करते देखे गए, जिससे यह दो सत्रों की गिरावट का सिलसिला भी तोड़ने में सफल रहा। वहीं भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के शेयर 3 प्रतिशत से ऊपर बढ़कर 367.75 के स्तर पर आए, और आईओसी के शेयरों में भी लगभग 2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

क्यों गिर रहे तेल के भाव?

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण यूएस और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का कम होना बताया जा रहा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि वह फिलहाल ईरान पर कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करेंगे, जिससे तेल की आपूर्ति पर संभवतः असर कम होगा और संभावित व्यवधान की आशंका घट गई। इससे बाजार में तेल की कीमतों को लेकर जो दबाव था, वह कम हुआ।

विश्लेषकों के अनुसार अभी भी तेल बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना है और आपूर्ति-मांग के संतुलन को लेकर सेंटिमेंट बहुधा बदलता रहता है। ब्रेंड क्रूड का दायरा 57 से $67 प्रति बैरल के आसपास रहा करती हैं, जिससे मार्केट में रेंजबाउंड मूवमेंट की उम्मीद जताई जा रही।

OMC शेयरों पर क्या असर पड़ा?

कच्चे तेल के भाव में गिरावट सीधे ओएमसी कंपनियों के रिफाइनिंग खर्च को कम करती है और मार्केटिंग मार्जिन को मजबूत बनाती है। जब तेल सस्ता आता है, कंपनियों के लिए पेट्रोल-डीज़ल जैसे उत्पाद बनाना सस्ता होता है और यदि रिटेल प्राइस स्थिर रहते हैं तो उसका लाभ OMC कंपनियों की कमाई पर दिखता है। ऐसे में निवेशकों का भरोसा बढ़ता है और शेयरों में तेजी आती है।

विश्लेषकों का मानना है कि Q3 (अक्टूबर-दिसंबर) तिमाही में एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसी के नतीजे मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन के बल पर अच्छे आयेंगे। अनुमान है कि इन स्टेक्ट्यून कंपनियों का EBITDA 9-18 फीसदी तक बढ़ सकता है, जिससे निवेशकों के नजरिए में और मजबूती आएगी।

बाजार में आगे क्या?

तेल के भाव में गिरावट OMC शेयरों के लिए फिलहाल सकारात्मक है। विशेषज्ञ चेतावनी भी देते हैं कि अगर वैश्विक स्तर पर कोई बड़ा भू-राजनीतिक जोखिम फिर से सामने आता है तो कच्चे तेल की कीमतों में तेजी लौट सकती है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहने और टेक्निकल-फंडामेंटल संकेतों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।

(प्रियंका कुमारी)

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