चांदी ने तोड़ा सारे रिकॉर्ड: 2.64 लाख के नए रिकॉर्ड स्तर पर चांदी, हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में 3% उछाल, सिल्वर ETF चमके

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मुंबई। चांदी की कीमत 2.64 लाख के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। चांदी में आई ऐतिहासिक तेजी का सीधा असर हिंदुस्तान जिंक के शेयरों पर देखने को मिला। जैसे ही चांदी के वायदा भाव नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे, वैसे ही इस धातु से जुड़ी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ गई। सप्ताह के पहले दिन के शुरुआती कारोबार में हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में तीन प्रतिशत से अधिक की मजबूती दर्ज की गई, जिससे यह साफ संकेत मिला कि निवेशक चांदी की बढ़ती कीमतों से होने वाले संभावित लाभ को लेकर उत्साहित हैं। पिछले सप्ताह चांदी के दामों में तेज गिरावट के बाद कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली थी, लेकिन अब कीमतों में जोरदार वापसी हुई है।
एमसीएक्स पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी के वायदा सौदे एक ही सत्र में हजारों रुपये की छलांग लगाकर अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 2.64 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गए। मई और जुलाई डिलीवरी वाले कॉन्ट्रैक्ट्स ने भी नई ऊंचाइयों को छू लिया। इसका मतलब यह है कि बाजार में चांदी को लेकर सकारात्मक धारणा बनी हुई है और निवेशक आगे भी कीमतों में मजबूती की उम्मीद कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट सिल्वर ने नया रिकॉर्ड बनाया, जिससे वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं की मांग का अंदाजा लगाया जा सकता है।
हिंदुस्तान जिंक भारत में चांदी का सबसे बड़ा उत्पादक है और कंपनी उच्च शुद्धता वाली रिफाइंड सिल्वर का उत्पादन करती है। ऐसे में चांदी के दाम बढ़ने से कंपनी की आय और मुनाफे की संभावनाएं बेहतर होती हैं। यही कारण है कि चांदी की कीमतों में तेजी आते ही निवेशकों ने इस शेयर में खरीदारी बढ़ा दी। हालांकि हाल के कुछ दिनों में शेयर में हल्की कमजोरी देखी गई थी, लेकिन मौजूदा तेजी ने एक बार फिर इसमें जान फूंक दी है। चांदी की कीमतों में उछाल का असर सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स पर भी साफ नजर आया। बाजार में उपलब्ध लगभग सभी प्रमुख सिल्वर ईटीएफ में करीब चार प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि सिर्फ इक्विटी निवेशक ही नहीं, बल्कि कमोडिटी और ईटीएफ में निवेश करने वाले लोग भी चांदी की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। पिछले एक साल में इन ईटीएफ ने बेहद मजबूत रिटर्न दिया है, जो चांदी में आई तेज तेजी को दर्शाता है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार शुल्क से जुड़ी आशंकाओं ने भी कीमती धातुओं की मांग को बढ़ावा दिया है। जब अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक आमतौर पर सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। इसी वजह से चांदी की कीमतों में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है। कुल मिलाकर, चांदी की रिकॉर्ड ऊंचाई यह दर्शाती है कि बाजार में सुरक्षित निवेश की मांग मजबूत बनी हुई है। हिंदुस्तान जिंक जैसे शेयरों में आई तेजी इस बात का संकेत है कि निवेशक कमोडिटी से जुड़े मजबूत बुनियादी आधार वाली कंपनियों को लेकर आशावादी हैं। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि इतनी तेज बढ़त के बाद उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहती है, इसलिए निवेश से पहले सावधानी और दीर्घकालिक नजरिया जरूरी है।
(एपी सिंह की रिपोर्ट )
