Gold-Silver Price: 23 जनवरी को सोना-चांदी ने तोड़ा रिकॉर्ड, 10 ग्राम सोना 1.55 लाख के पार और चांदी 3.18 लाख पर पहुंची

Gold-Silver Price Today (23 Jan 2026): घरेलू सर्राफा बाजार में 23 जनवरी को सोने और चांदी की कीमतों ने अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छू लिया। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार सोना एक ही दिन में 4,300 रुपये की जोरदार तेजी के साथ 1,55,428 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले इसका भाव 1,51,128 रुपये था।
चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला। 1 किलो चांदी 19,249 रुपये महंगी होकर 3,18,960 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। गुरुवार को चांदी का भाव 2,99,711 रुपये प्रति किलो था। साल 2026 के सिर्फ 23 दिनों में ही सोना 22,233 रुपये और चांदी 88,540 रुपये तक महंगी हो चुकी है, जिससे निवेशकों और खरीदारों दोनों में चिंता बढ़ गई है।
देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट गोल्ड के ताजा भाव
| शहर | कीमत रुपए प्रति 10 ग्राम |
जयपुर | ₹1,59,860 |
दिल्ली | ₹1,59,860 |
लखनऊ | ₹1,59,860 |
अहमदाबाद | ₹1,59,760 |
पटना | ₹1,59,760 |
भोपाल | ₹1,59,760 |
मुंबई | ₹1,59,710 |
कोलकाता | ₹1,59,710 |
चेन्नई | ₹1,59,810 |
सोने में तेजी के 3 बड़े कारण
1. ग्लोबल टेंशन और ‘ग्रीनलैंड’ विवाद
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने बाजारों में अस्थिरता पैदा कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयानों और यूरोपीय देशों को टैरिफ की चेतावनी से ट्रेड वॉर की आशंका गहराई है। ऐसे हालात में निवेशक शेयर बाजार से दूरी बनाकर सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर सोने की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे कीमतों को मजबूती मिली है।
2. रुपये की रिकॉर्ड कमजोरी
भारत में सोने की कीमतें सिर्फ अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि डॉलर-रुपया विनिमय दर का भी बड़ा असर होता है। फिलहाल रुपया डॉलर के मुकाबले 91.10 के ऑल-टाइम लो पर पहुंच गया है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कमजोर रुपये की वजह से आयातित सोना महंगा पड़ रहा है, जिससे घरेलू बाजार में सोने के भाव 1.55 लाख रुपये के पार निकल गए हैं।
3. सेंट्रल बैंकों की बढ़ती खरीद
दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए लगातार सोने की खरीद बढ़ा रहे हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, 2025 में रिकॉर्ड खरीद के बाद 2026 की शुरुआत में भी सेंट्रल बैंकों की मांग मजबूत बनी हुई है। सप्लाई सीमित और डिमांड ज्यादा होने से सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है।
