Gold-Silver Price Crash: रिकॉर्ड हाई के बाद भारी बिकवाली, चांदी ₹80,000 और सोना ₹25,000 टूटा; निवेशकों में हाहाकार

MCX पर रिकॉर्ड हाई के बाद शुक्रवार, 30 जनवरी को सोना और चांदी में 12% तक गिरावट दर्ज की गई।
Gold-Silver Price Crash: एमसीएक्स (MCX) पर गोल्ड और सिल्वर की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद शुक्रवार को दोपहर के सत्र में जोरदार बिकवाली के दबाव में आ गईं। निवेशकों की मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के असर से दोनों कीमती धातुओं में 12 फीसदी तक की गिरावट देखी गई, जिससे बाजार में हलचल तेज हो गई।
MCX गोल्ड में भारी करेक्शन
एमसीएक्स पर अप्रैल फ्यूचर्स गोल्ड की कीमत 1.88% गिरकर ₹1,80,499 प्रति 10 ग्राम पर खुली, जबकि पिछला बंद भाव ₹1,83,962 था। शुरुआती गिरावट के बाद बिकवाली और तेज हुई और सोना करीब ₹12,000 प्रति 10 ग्राम यानी 6.5% से ज्यादा टूट गया। एक दिन पहले ही एमसीएक्स गोल्ड ₹1,93,096 प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई पर पहुंचा था।
चांदी में और भी तेज गिरावट
सोने के मुकाबले चांदी में करेक्शन कहीं ज्यादा तीखा रहा। एमसीएक्स पर मार्च फ्यूचर्स सिल्वर 4% की गिरावट के साथ ₹3,83,898 प्रति किलोग्राम पर खुली, जबकि पिछला क्लोज ₹3,99,893 था। गुरुवार को चांदी ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी, लेकिन शुक्रवार को इसकी कीमत करीब 12% या लगभग ₹48,000 प्रति किलोग्राम तक टूट गई।
डॉलर की मजबूती से दबाव
वैश्विक बाजारों में मजबूत अमेरिकी डॉलर ने सोने और चांदी दोनों पर दबाव बनाया। डॉलर इंडेक्स में हल्की तेजी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले के बाद देखने को मिली, हालांकि डॉलर लगातार दूसरे हफ्ते साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहा है।
इंटरनेशनल मार्केट का हाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड, पिछले सत्र में $5,594.82 के रिकॉर्ड हाई के बाद 0.9% गिरकर $5,346.42 प्रति औंस पर आ गया। वहीं फरवरी डिलीवरी के यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 1.3% की तेजी के साथ $5,390.80 प्रति औंस पर ट्रेड करते दिखे। स्पॉट सिल्वर भी गुरुवार के $121.64 के पीक से फिसलकर 0.2% गिरावट के साथ $115.83 प्रति औंस पर आ गई।
जनवरी में फिर भी शानदार तेजी
हालिया गिरावट के बावजूद जनवरी महीने में सोने की कीमतें अब तक 24% से ज्यादा बढ़ चुकी हैं। यह लगातार छठा महीना है जब सोने में मजबूती दिखी है और यह 1980 के बाद की सबसे बड़ी मासिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है। चांदी ने तो इस महीने 62% की जबरदस्त छलांग लगाई है, जो अब तक का इसका सर्वश्रेष्ठ मासिक प्रदर्शन माना जा रहा है।
एक्सपर्ट की राय: घबराने की जरूरत नहीं
निटस्टोन फिनसर्व के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO सेंथिल आर. कुमार ने मिंट से बातचीत में कहा कि एमसीएक्स पर चांदी में रिकॉर्ड हाई से करीब ₹80,000 की गिरावट और सोने में लगभग ₹25,000 का करेक्शन किसी स्ट्रक्चरल रिवर्सल का संकेत नहीं है। उनके मुताबिक यह प्रॉफिट-बुकिंग और ग्लोबल रिस्क रीकैलिब्रेशन का सामान्य चरण है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत डॉलर, ब्याज दरों को लेकर बदली उम्मीदें और जियोपॉलिटिकल प्रीमियम में नरमी ने फिलहाल निवेशकों के सेंटिमेंट को कमजोर किया है। हालांकि मीडियम से लॉन्ग टर्म में सोना और चांदी महंगाई, करेंसी उतार-चढ़ाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के खिलाफ मजबूत हेज बने रहेंगे।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि इस गिरावट को घबराहट की बजाय अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करने के मौके के तौर पर देखें और शॉर्ट-टर्म सट्टेबाजी के बजाय धीरे-धीरे निवेश और डाइवर्सिफिकेशन पर ध्यान दें।
