Union Budget 2026 Impact: शेयर बाजार को नहीं भाया बजट; सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट, निवेशकों में हाहाकार

Union Budget 2026 के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली।
Union Budget 2026 Impact: केंद्रीय बजट 2026 पेश होने के बाद भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बजट घोषणाओं से निवेशक संतुष्ट नहीं दिखे, जिसके चलते बाजार में तेज बिकवाली शुरू हो गई। कारोबार के दौरान निफ्टी 50 करीब 2 फीसदी गिर गया, जबकि सेंसेक्स में भी लगभग 2 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई।
दोपहर 12:34 बजे तक S&P BSE सेंसेक्स 1,348.50 पॉइंट गिरकर 80,921.73 पर आ गया, जबकि NSE निफ्टी50 494.35 पॉइंट गिरकर 24,826.30 पर आ गया।
बजट भाषण खत्म होने के बाद, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड सेंसेक्स पर टॉप गेनर रहा, जिसमें 0.77% की बढ़ोतरी हुई, इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड रहा, जिसमें 0.71% की बढ़ोतरी हुई। HDFC बैंक लिमिटेड 0.00% पर फ्लैट रहा और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ।
नुकसान वाली कंपनियों में, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई, जो 6.50% गिरा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड 3.38% गिरा, NTPC लिमिटेड 3.06% गिरा, HCL टेक्नोलॉजीज लिमिटेड 2.91% गिरा, और बजाज फाइनेंस लिमिटेड 2.50% गिरा।
बाजार में हड़कंप क्यों मचा?
यूनियन बजट 2026 के बाद शेयर बाजार में आई तेज गिरावट की एक बड़ी वजह फ्यूचर एंड ऑप्शन (F&O) ट्रेडिंग का महंगा होना माना जा रहा है। सरकार ने सट्टेबाजी पर लगाम कसने के इरादे से सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बड़ा इजाफा किया है। बजट में फ्यूचर्स पर STT को 150 फीसदी और ऑप्शंस पर 50 फीसदी तक बढ़ा दिया गया है, जिससे शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग महंगी हो गई।
बजट भाषण खत्म होते ही बाजार पर दबाव
जैसे ही वित्त मंत्री का बजट भाषण खत्म हुआ, बाजार में बिकवाली तेज हो गई। निफ्टी मिडकैप 100 में 1.38 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.96 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, इंडिया VIX में 5.51 फीसदी की तेजी आई, जो बाजार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत है।
लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ज्यादातर सेक्टरों में भारी दबाव दिखा। निफ्टी ऑटो 0.85 फीसदी, निफ्टी FMCG 1.75 फीसदी, निफ्टी मेटल 2.74 फीसदी और निफ्टी PSU बैंक करीब 3.92 फीसदी टूट गया। फाइनेंशियल सर्विसेज, मीडिया, रियल्टी, ऑयल एंड गैस और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टर भी नुकसान में रहे।
हेल्थकेयर बना एकमात्र सहारा
गिरते बाजार में सिर्फ निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स ही मजबूती के साथ खड़ा नजर आया, जिसमें 0.12 फीसदी की मामूली बढ़त दर्ज की गई। बाकी पूरा बाजार बजट के बाद आई सख्ती और बढ़ती लागत के दबाव में नजर आया।
