Budget 2026: 1 अप्रैल से लागू होगा नया कानून, इनकम टैक्स में 10 बड़े बदलाव जो हर टैक्सपेयर को जानना चाहिए

big income tax changes every taxpayer should know
Budget 2026 explained: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में डायरेक्ट टैक्स सिस्टम में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। उन्होंने लोकसभा में बताया कि नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 को इस साल 1 अप्रैल से लागू किया जाएगा। यह कानून करीब 6 दशक पुराने इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की जगह लेगा। यह निर्मला सीतारमण का लगातार 9वां बजट रहा।
सरकार का कहना है कि नया कानून सरल भाषा, कम विवाद और आसान अनुपालन पर आधारित होगा, जिससे टैक्सपेयर्स और बिज़नेस दोनों को राहत मिलेगी। टैक्स फाइलिंग को कम जटिल बनाना और गैरजरूरी मुकदमेबाजी घटाना इसका मुख्य उद्देश्य है।
बजट 2026 में डायरेक्ट टैक्स से जुड़े 10 बड़े ऐलान ये हैं:
1. विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए टीसीएस कम: विदेश में शिक्षा और मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर टीसीएस (टैक्स कलेक्शन एट सोर्स) को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है। यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और इससे छात्रों व उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
2. रिवाइज्ड रिटर्न के लिए ज्यादा समय: अब टैक्सपेयर्स को रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए टैक्स ईयर खत्म होने के बाद 12 महीने मिलेंगे। पहले यह सीमा 9 महीने थी। इससे गलती सुधारने का पूरा मौका मिलेगा।
3. इक्विटी फ्यूचर्स पर STT बढ़ी: शेयर बाजार में फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया। ऑप्शंस पर टैक्स 0.1% से बढ़कर 0.15% होगा, जिससे फ्यूचर एंड ऑप्शंस ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी।
4. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स नियम बदले: अब केवल वही निवेशक टैक्स छूट पाएंगे जो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से सीधे जारी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीदकर मैच्योरिटी तक होल्ड करेंगे। सेकेंडरी मार्केट से खरीदे गए बॉन्ड पर कैपिटल गेन टैक्स लग सकता।
5. शेयर बायबैक पर कैपिटल गेन टैक्स की वापसी: बायबैक पर फिर से कैपिटल गेन टैक्स लागू किया गया। निवेशकों को अब सिर्फ नेट प्रॉफिट पर टैक्स देना होगा, जिससे लंबी अवधि के निवेशकों को फायदा होगा।
6. विदेशी संपत्ति खुलासा योजना: सरकार ने 6 महीने की वन-टाइम फॉरेन एसेट डिस्क्लोज़र स्कीम शुरू की है। छोटे टैक्सपेयर्स, स्टूडेंट्स और एनआरई इसमें बिना मुकदमे के अपनी विदेशी संपत्ति घोषित कर सकते हैं।
7. आईटीआर डेडलाइन पर स्पष्टता: आईटीआर-1 और आईटीआर-2 की अंतिम तारीख 31 जुलाई ही रहेगी। रिवाइज्ड रिटर्न 31 मार्च तक फाइल की जा सकेगी, हालांकि नाममात्र फीस देनी होगी।
8. छोटे टैक्सपेयर्स को राहत: लो या निल टीडीएस सर्टिफिकेट के लिए अब ऑटोमेटेड प्रोसेस होगा। साथ ही फॉर्म 15G/15H सीधे डिपॉजिटरी के जरिए कंपनियों तक पहुंचेगा।
9. क्रिप्टो रिपोर्टिंग में चूक पर जुर्माना: क्रिप्टो ट्रांजैक्शन रिपोर्ट न करने पर 200 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना और गलत जानकारी पर 50,000 रुपये तक की पेनल्टी लगेगी।
10. एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीदना आसान: अब एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीदने वाले रेजिडेंट्स को टैन लेने की जरूरत नहीं होगी। पैनकार्ड से ही टैक्स कटौती संभव होगी।
(प्रियंका कुमारी)
