SIP Tips: एसआईपी शुरू या बंद करने से पहले जान लें ये 5 बड़ी बातें, वरना रिटर्न पर पड़ सकता असर

5 IMP things to know before you start or stop an SIP
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SIP करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। 

SIP आसान है लेकिन जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं होता है। लंबा समय, अनुशासन और कंपाउंडिंग से बड़ी पूंजी बनती है।

SIP Tips: म्यूचुअल फंड में निवेश का सबसे पसंदीदा तरीका बन चुका है। SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान। इसका क्रेज इस बात से समझा जा सकता है कि सिर्फ दिसंबर महीने में ही एसआईपी के जरिए रिकॉर्ड 31002 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। एसआईपी को आसान और सुरक्षित मानने वालों की संख्या ज्यादा है लेकिन इसमें पैसा लगाने से पहले कुछ जरूरी बातें समझना बेहद जरूरी है।

एसआईपी बिल्कुल जोखिम-मुक्त नहीं होता

यह मान लेना गलत है कि एसआईपी से निवेश करने पर जोखिम खत्म हो जाता है। एसआईपी सिर्फ निवेश का तरीका है, गारंटी नहीं। म्यूचुअल फंड बाजार से जुड़े होते हैं, इसलिए उतार-चढ़ाव का असर एसआईपी पर भी पड़ता है। सही फंड का चुनाव, निवेश अवधि और जोखिम क्षमता ज्यादा मायने रखती है।

एसआईपी शुरू करने के लिए बड़ी रकम जरूरी नहीं

एसआईपी की सबसे बड़ी ताकत इसकी आसान शुरुआत है। आप सिर्फ 500 रुपये महीने से भी निवेश शुरू कर सकते हैं। आमदनी बढ़ने पर रकम बढ़ाई जा सकती है। जरूरत पड़ने पर एसआईपी को कुछ समय के लिए रोका भी जा सकता है, हालांकि एक्सपर्ट ऐसा करने से बचने की सलाह देते हैं।

समय और कंपाउंडिंग असली गेम चेंजर

एसआईपी का फायदा लंबे समय में दिखता है। कंपाउंडिंग का असर धीरे-धीरे बढ़ता है। उदाहरण के तौर पर, 20 साल तक हर महीने 1000 रुपये एसआईपी करने पर 12% रिटर्न के हिसाब से करीब 9.9 लाख रुपये बन सकते हैं। सिर्फ 5 साल और जोड़ दें तो रकम लगभग दोगुनी हो जाती है।

बाजार की गिरावट एसआईपी के लिए मौका होती

जब बाजार गिरता है, एसआईपी से ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं और जब बाजार चढ़ता है, कम। इसे रुपये की लागत औसत करना कहते हैं। लंबे समय में यही तरीका रिटर्न को बेहतर बनाता है।

नियमितता सबसे ज्यादा जरूरी है

एसआईपी में अनुशासन ही सबसे बड़ा हथियार है। 20 साल तक हर महीने 20000 रुपये की एसआईपी से करीब 2 करोड़ रुपये का फंड बन सकता है। लेकिन अगर हर साल सिर्फ एक किस्त मिस कर दी, तो कुल निवेश थोड़ा ही घटेगा, मगर फाइनल कॉर्पस करीब 40 लाख रुपये कम हो सकता है।

एसआईपी बढ़ाने से रिटर्न में जबरदस्त उछाल

अगर हर साल एसआईपी की रकम 10 फीसदी बढ़ाई जाए, तो फर्क साफ दिखता है। 5000 रुपये की एसआईपी 20 साल में करीब 50 लाख बनती है। वहीं हर साल 10% बढ़ोतरी के साथ यही रकम करीब 1 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। SIP कोई शॉर्टकट नहीं, बल्कि धैर्य और अनुशासन का खेल है। जल्दी फैसले लेने से बचें और निवेश को समय दें।

(प्रियंका कुमारी)

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