बंगाल VS दिल्ली: दिल्ली में महुआ मोइत्रा समेत 8 TMC सांसद हिरासत में, ममता ने ED पर दर्ज कराई FIR

हिरासत में लिए गए नेताओं में महुआ मोइत्रा, डेरेक ओ'ब्रायन, शताब्दी रॉय, साकेत गोखले, कीर्ति आजाद, प्रतिमा मंडल और डॉ. शर्मिला सरकार जैसे नेता शामिल हैं।
नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली और पश्चिम बंगाल के बीच सियासी जंग अब सड़कों पर उतर आई है। केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली के विरोध में गृह मंत्रालय के बाहर धरना देने पहुंचीं टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और 7 अन्य सांसदों को दिल्ली पुलिस ने नाटकीय घटनाक्रम के बीच हिरासत में ले लिया है।
उधर, कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाकर इस लड़ाई को आर-पार की स्थिति में पहुंचा दिया है। बंगाल से लेकर दिल्ली तक इस वक्त राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है।
नॉर्थ ब्लॉक पर हाई वोल्टेज ड्रामा और सांसदों की हिरासत
दिल्ली का वीवीआईपी इलाका आज छावनी में तब्दील हो गया जब महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ'ब्रायन के नेतृत्व में टीएमसी सांसदों ने गृह मंत्रालय के बाहर अचानक धरना शुरू कर दिया। सांसदों का आरोप है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी दलों को डराने की कोशिश कर रही है।
दिल्ली पुलिस ने धारा 144 का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से हटने को कहा, लेकिन बात न बनने पर महुआ मोइत्रा समेत सभी 8 सांसदों को बलपूर्वक बस में बिठाकर मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया।
ममता बनर्जी का तीखा वार: ED के खिलाफ दर्ज हुई FIR
कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पूरे मामले को सीधे अमित शाह और केंद्र सरकार की साजिश करार दिया है। चुनावी रणनीतिकार संस्था I-PAC के दफ्तर और प्रतीक जैन के आवास पर हुई छापेमारी से नाराज ममता बनर्जी ने कोलकाता के शेक्सपियर सरानी थाने में ईडी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।
ममता का आरोप है कि जांच के नाम पर ईडी अधिकारियों ने पार्टी की चुनावी रणनीति और गोपनीय डेटा चोरी करने की कोशिश की है, जो कानूनन अपराध है।
चुनावी डेटा चोरी और 'SIR' प्रक्रिया पर टकराव
तृणमूल कांग्रेस का सबसे गंभीर आरोप यह है कि प्रवर्तन निदेशालय असल में भ्रष्टाचार की जांच नहीं, बल्कि आगामी चुनावों के लिए 'डेटा माइनिंग' कर रहा है।
पार्टी का दावा है कि छापेमारी के दौरान उन हार्ड डिस्क और दस्तावेजों को निशाना बनाया गया जिनमें कैंडिडेट लिस्ट और चुनावी सर्वे का डेटा था।
ममता बनर्जी ने इसे विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया में हस्तक्षेप बताते हुए कहा कि बीजेपी अपनी हार के डर से अब डेटा के जरिए चुनाव लड़ना चाहती है।
गृह मंत्रालय का सख्त रुख और सुरक्षा व्यवस्था
इस पूरे विवाद पर गृह मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाया है। मंत्रालय का कहना है कि एजेंसियां पूरी तरह स्वतंत्र हैं और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं। मंत्रालय ने सांसदों के विरोध को 'जांच में बाधा' डालने की कोशिश बताया है।
वर्तमान में दिल्ली में नॉर्थ ब्लॉक और गृह मंत्रालय के आसपास सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं और अर्धसैनिक बलों की कई टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं ताकि प्रदर्शनकारी दोबारा मंत्रालय तक न पहुंच सकें।
विपक्ष की लामबंदी और सांसदों की सूची
हिरासत में लिए गए नेताओं में महुआ मोइत्रा, डेरेक ओ'ब्रायन, शताब्दी रॉय, साकेत गोखले, कीर्ति आजाद, प्रतिमा मंडल और डॉ. शर्मिला सरकार जैसे दिग्गज शामिल हैं।
मंदिर मार्ग थाने के बाहर इस वक्त विपक्षी गठबंधन 'INDIA' ब्लॉक के अन्य नेताओं का पहुंचना भी शुरू हो गया है। कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया है।
दिल्ली और कोलकाता में जारी यह गतिरोध आने वाले दिनों में एक बड़े कानूनी और राजनीतिक युद्ध का संकेत दे रहा है।
