Driving System: भारत में बाईं ओर ही क्यों चलती हैं गाड़ियां, जानें इसके पीछे क्या है वजह?

भारत में बाईं ओर ही क्यों चलती हैं गाड़ियां
Driving System: आपने हॉलीवुड फिल्मों में अक्सर देखा होगा कि विदेशों में गाड़ियां सड़क के दाईं तरफ (Right Side) चलती हैं और स्टीयरिंग व्हील बाईं ओर होता है। वहीं भारत में इसका ठीक उल्टा सिस्टम है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर भारत में गाड़ियां बाईं ओर क्यों चलती हैं और दुनिया के ज्यादातर देश दाईं ओर ड्राइव क्यों करते हैं।
भारत में बाईं ओर (Left Side) ड्राइविंग का इतिहास
- भारत में बाईं ओर ड्राइव करने की परंपरा ब्रिटिश शासन से जुड़ी हुई है। पुराने समय में घुड़सवारी के दौर में अधिकतर लोग दाएं हाथ से तलवार चलाते थे और दुश्मन पर नजर रखने के लिए सड़क के बाईं ओर चलते थे। ब्रिटेन ने इसी नियम को अपनाया और अपने उपनिवेशों में भी लागू किया।
- जब ब्रिटिशों ने भारत में सड़क और परिवहन व्यवस्था विकसित की, तो उन्होंने बाईं ओर चलने का नियम लागू किया। आजादी के बाद इस सिस्टम को बदलना बेहद महंगा और अव्यवहारिक माना गया, इसलिए भारत ने इसे जारी रखा।
दुनिया के ज्यादातर देश दाईं ओर क्यों ड्राइव करते हैं?
दुनिया के लगभग 75 प्रतिशत देश दाईं ओर वाहन चलाते हैं। इसके पीछे मुख्य वजह फ्रांस और अमेरिका का प्रभाव है। इन देशों में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का विकास तेजी से हुआ और बड़े पैमाने पर लेफ्ट हैंड ड्राइव गाड़ियों का उत्पादन किया गया। इन वाहनों के वैश्विक निर्यात से दाईं ओर ड्राइव करना अंतरराष्ट्रीय मानक बन गया।
बाईं ओर ड्राइव करने वाले देश
भारत के अलावा यूनाइटेड किंगडम, जापान, ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया, नेपाल, श्रीलंका और न्यूजीलैंड जैसे देशों में भी लेफ्ट साइड ड्राइव किया जाता है। इन देशों के यातायात नियम और वाहन डिजाइन इसी सिस्टम के अनुसार बनाए जाते हैं।
जापान में अलग क्यों है सिस्टम?
जापान कभी ब्रिटेन का उपनिवेश नहीं रहा, फिर भी वहां बाईं ओर ड्राइव किया जाता है। इसकी वजह वहां का रेलवे सिस्टम है, जिसे ब्रिटिश इंजीनियरों ने डिजाइन किया था। बाद में यही नियम सड़क परिवहन में भी अपनाया गया।
(मंजू कुमारी)
