Car Tips: सर्दियों में कार स्टार्ट करने का सही तरीका, जानें इंजन वार्म-अप से जुड़ी सच्चाई

इंजन वार्म-अप से जुड़ी सच्चाई
Car Tips: ठंड के मौसम में सुबह कार स्टार्ट करते समय कई लोगों को दिक्कत महसूस होती है। ऐसे में अक्सर सलाह दी जाती है कि गाड़ी को कुछ मिनट तक स्टार्ट कर के खड़ा रखें यानी इंजन वार्म-अप करें। लेकिन सवाल यह है कि क्या आज की आधुनिक कारों में लंबे समय तक वार्म-अप करना वाकई जरूरी है या यह सिर्फ पुरानी सोच है? आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।
इंजन वार्म-अप की शुरुआत कहां से हुई?
इंजन वार्म-अप की परंपरा पुराने कार्बोरेटर इंजन के दौर से आई है। 1990 से पहले बनी कारों में ठंड में फ्यूल और हवा का सही संतुलन बनने में समय लगता था। इसलिए इंजन को कुछ देर तक गर्म करना जरूरी होता था। लेकिन आज की ज्यादातर कारें फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम के साथ आती हैं, जो तापमान के हिसाब से फ्यूल-एयर मिक्सचर खुद एडजस्ट कर लेता है।
आधुनिक कारों में क्या बदल गया है?
आज की कारों में सेंसर और कंप्यूटर कंट्रोल सिस्टम होते हैं। कार स्टार्ट करते ही इंजन को सही मात्रा में फ्यूल और ऑयल मिलना शुरू हो जाता है। साथ ही मॉडर्न सिंथेटिक इंजन ऑयल ठंड में भी आसानी से फ्लो करता है, जिससे इंजन को तुरंत लुब्रिकेशन मिल जाता है।
इंजन वार्म-अप से जुड़े बड़े मिथक
मिथक: ज्यादा देर आइडल रखने से माइलेज बेहतर होता है।
सच्चाई: आइडलिंग के दौरान इंजन फ्यूल खर्च करता है लेकिन कार चलती नहीं। इससे माइलेज नहीं, बल्कि फ्यूल की बर्बादी होती है।
मिथक: बिना गर्म किए कार चलाना नुकसानदायक है।
सच्चाई: आधुनिक कारें ठंड में चलाने के लिए बनी होती हैं। बस शुरुआत में तेज एक्सेलेरेशन और हाई RPM से बचना चाहिए।
ठंडी सुबह में कार स्टार्ट करने का सही तरीका
* कार स्टार्ट करें
* 30 सेकंड से 1 मिनट तक आइडल रहने दें
* फिर धीरे-धीरे ड्राइव करना शुरू करें
* शुरुआती कुछ मिनट तेज स्पीड से बचें
सर्दियों में 10–15 मिनट तक कार को खड़ा रखकर गर्म करना जरूरी नहीं है। थोड़ी देर आइडलिंग और फिर आराम से ड्राइव करना ही इंजन, माइलेज और पर्यावरण—तीनों के लिए सबसे बेहतर तरीका है।
(मंजू कुमारी)
