V2V Technology: देश में रोड सेफ्टी को मिलेगा टेक्नोलॉजी बूस्ट, 2026 में लागू होगा V2V सिस्टम

2026 में लागू होगा V2V सिस्टम
V2V Technology: भारत में सड़क हादसों को कम करने के लिए सरकार एक आधुनिक और हाई-टेक समाधान लाने जा रही है। भारत सरकार 2026 के अंत तक व्हीकल-टू-व्हीकल (V2V) कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी को लागू करने की तैयारी कर रही है। इस तकनीक की खास बात यह होगी कि वाहन बिना किसी मोबाइल नेटवर्क के एक-दूसरे से सीधे संपर्क कर सकेंगे। इसकी जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यों के परिवहन मंत्रियों के साथ हुई वार्षिक बैठक के बाद दी। सरकार का मानना है कि यह तकनीक सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है।
क्या है V2V टेक्नोलॉजी?
V2V कम्युनिकेशन सिस्टम के तहत गाड़ियां आपस में सिग्नल भेजकर एक-दूसरे को संभावित खतरे के बारे में अलर्ट करेंगी। जब कोई वाहन बहुत करीब आएगा, तो ड्राइवर को तुरंत चेतावनी मिलेगी। यह तकनीक खासकर तेज रफ्तार से होने वाली टक्कर, सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों से होने वाले हादसे और सर्दियों में घने कोहरे के दौरान बेहद कारगर साबित होगी।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम?
यह सिस्टम एक खास डिवाइस के जरिए काम करेगा, जिसे गाड़ी में इंस्टॉल किया जाएगा। यह डिवाइस 360-डिग्री कम्युनिकेशन के जरिए किसी भी दिशा से आने वाले खतरे की जानकारी देगी। कोहरे में जब विजिबिलिटी लगभग खत्म हो जाती है, तब भी ड्राइवर को रियल-टाइम अलर्ट मिलेगा।
बसों की सुरक्षा पर भी जोर
नितिन गडकरी ने बसों की खराब डिजाइन को लेकर चिंता जताई और कहा कि अब बसों में अतिरिक्त सुरक्षा फीचर्स जोड़े जाएंगे, जिनमें फायर एक्सटिंग्विशर, ड्राइवर के लिए ड्रोसीनेस डिटेक्शन सिस्टम और यात्रियों के लिए इमरजेंसी हथौड़े शामिल होंगे।
कब से मिलेगा फायदा?
परिवहन मंत्रालय 2026 के अंत तक इस तकनीक को नोटिफाई करेगा। शुरुआत में यह फीचर केवल नई गाड़ियों में दिया जाएगा और बाद में इसे ADAS सिस्टम के साथ भी जोड़ा जाएगा। हालांकि इससे वाहनों की कीमत में कुछ हजार रुपये की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से इसे बेहद जरूरी माना जा रहा है।
(मंजू कुमारी)
