Budget 2026: केंद्रीय बजट से ऑटो सेक्टर को उम्मीदें, मध्यप्रदेश में पॉलिसी पुश की मांग तेज

केंद्रीय बजट से ऑटो सेक्टर को उम्मीदें
Budget 2026: मध्य प्रदेश में ऑटोमोबाइल डीलर्स और मैन्युफैक्चरर्स Union Budget 2026 को ऑटो सेक्टर के लिए एक बड़े टर्निंग पॉइंट के रूप में देख रहे हैं। बीते एक साल में टू-व्हीलर्स, बजट कारों और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की बिक्री में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इसी वजह से अब इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि केवल उम्मीदों से नहीं, बल्कि मजबूत नीतिगत समर्थन से ही सेक्टर को रफ्तार मिल सकती है।
ऑटो सेक्टर की रफ्तार क्यों हुई धीमी?
पिछले एक साल में ऑटोमोबाइल सेल्स असमान रहीं, खासकर एंट्री-लेवल कारों, बजट टू-व्हीलर्स और EV सेगमेंट में। ऊंची ऑन-रोड कीमतें, महंगे ऑटो लोन और सीमित सरकारी इंसेंटिव्स के चलते ग्राहक खरीदारी से पीछे हटते नजर आए। मध्य प्रदेश फाडा के चेयरपर्सन आशीष पांडे के मुताबिक, अब ऑटो सेक्टर को टैक्स राहत, सस्ती फाइनेंसिंग और EV के लिए स्थिर नीति की सख्त जरूरत है, तभी डिमांड दोबारा मजबूत होगी।
ऑटो इंडस्ट्री की प्रमुख मांगें
डीलर्स और इंडस्ट्री लीडर्स ने सरकार से कई अहम मांगें रखी हैं, जिनमें इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम्स के जरिए सस्ते ऑटो लोन, ग्रामीण इलाकों के लिए विशेष इंसेंटिव्स, EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर GST में कटौती, हाइब्रिड व्हीकल्स पर रियायती टैक्स, पीएम ई-ड्राइव या FAME स्कीम का मार्च 2026 के बाद विस्तार, बैटरी और EV कंपोनेंट्स पर ड्यूटी में छूट भी शामिल है। ऑटो डीलर आदित्य कासलीवाल का कहना है कि मिडिल क्लास की खरीदारी क्षमता बढ़ने से शोरूम फुटफॉल अपने आप बढ़ेगा, जिसके लिए ब्याज दरों में कटौती जरूरी है।
व्हीकल स्क्रैपेज और टैक्स रेशनलाइजेशन
डीलर्स ने पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर नए वाहन खरीद पर GST रिबेट, प्रीमियम और इंपोर्टेड कारों पर कस्टम ड्यूटी में कटौती और एमपी में ऊंचे RTO टैक्स व CNG पर GST घटाने की मांग भी उठाई है।
क्या एमपी बनेगा ऑटो हब?
ऑटो इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर केंद्रीय बजट 2026 में स्थिर टैक्स नीति, टार्गेटेड इंसेंटिव्स और EV व ग्रामीण फोकस दिया गया, तो मध्य प्रदेश 2026 में ऑटो रिटेल और मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बन सकता है।
(मंजू कुमारी)
