Car Scrap: अपनी पुरानी कार को बेचें या स्क्रैप कराएं? यहां जानें कैसे लें सही फैसला?

अपनी पुरानी कार को बेचें या स्क्रैप कराएं
Car Scrap: जब पुरानी कार के लिए बाजार में अच्छी कीमत नहीं मिलती, तो अक्सर लोगों के सामने यह दुविधा होती है कि कार बेचने की कोशिश जारी रखें या फिर उसे स्क्रैप कराना ज्यादा सही रहेगा। कई लोग स्क्रैपिंग को झंझट भरा मानते हैं या सोचते हैं कि इससे बहुत कम पैसा मिलेगा। जबकि हकीकत यह है कि सही फैसला आपकी कार की उम्र, हालत, कानूनी स्थिति और आपके समय पर निर्भर करता है।
फैसला लेने से पहले किन बातों का रखें ध्यान
कोई भी कदम उठाने से पहले अपनी कार की मौजूदा स्थिति का सही आकलन करना जरूरी है। कार की उम्र, कितनी चली है, इंजन और बॉडी की हालत, प्रदूषण मानकों की स्थिति और बाजार में उसकी मांग – ये सभी फैक्टर यह तय करते हैं कि बेचने में फायदा है या स्क्रैप कराना बेहतर रहेगा।
कार बेचना कब होता है फायदेमंद
- अगर आपकी कार अभी भी अच्छी हालत में है और सड़क पर चलने लायक है, तो उसे बेचना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। सबसे पहले उसकी वास्तविक बाजार कीमत जानें, जिसके लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या डीलर्स से कोटेशन लिया जा सकता है।
- बिक्री से पहले किसी भी तरह का लंबित लोन, ट्रैफिक चालान या कानूनी बकाया निपटाना जरूरी है। साथ ही, खरीदार मिलने के बाद आरटीओ में स्वामित्व ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी करना बेहद अहम होता है, ताकि भविष्य में किसी भी कानूनी झंझट से बचा जा सके।
- अच्छी तरह मेंटेन की गई कार के लिए आपको बेहतर कीमत मिल सकती है, लेकिन सही खरीदार ढूंढने में समय, धैर्य और कभी-कभी मरम्मत का खर्च भी लगता है।
कार स्क्रैप कराना कब है सही विकल्प
अगर आपकी कार 15 साल से ज्यादा पुरानी है, प्रदूषण मानकों पर खरी नहीं उतरती या चलाने के लिए असुरक्षित हो चुकी है, तो स्क्रैप कराना ज्यादा व्यावहारिक फैसला होता है। स्क्रैपिंग के लिए हमेशा अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र चुनें, ताकि रजिस्ट्रेशन रद्द होने और सही दस्तावेज मिलने में कोई परेशानी न हो।
स्क्रैपिंग की प्रक्रिया तेज होती है, भुगतान जल्दी मिलता है और कई बार मुफ्त पिकअप की सुविधा भी मिलती है। यह पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर कदम है, हालांकि इससे मिलने वाली रकम आमतौर पर बिक्री से कम होती है।
सही फैसला कैसे लें
अगर कार मैकेनिकल रूप से ठीक है और कानूनी रूप से वैध है, तो बेचें। लेकिन अगर खर्च ज्यादा और परेशानी बढ़ रही है, तो स्क्रैप कराना ही समझदारी होगी।
(मंजू कुमारी)
