Car Buying Tips: पुरानी कार खरीदने से पहले उसके सभी जरूरी कागज जैसे आरसी, इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट और सर्विस रिकॉर्ड जरूर चेक करें।

Car Buying Tips: आज के समय में सेकेंड हैंड कार खरीदना काफी आसान हो गया है। कम बजट में बेहतर गाड़ी मिलने के कारण कई लोग नई कार की बजाय पुरानी कार खरीदना पसंद करते हैं। हालांकि, थोड़ी सी लापरवाही आपको भारी नुकसान में डाल सकती है, क्योंकि कई बार गाड़ी बाहर से सही दिखती है लेकिन अंदर से उसमें बड़ी खामियां छिपी होती हैं।

डॉक्यूमेंट्स की जांच सबसे जरूरी
पुरानी कार खरीदने से पहले उसके सभी जरूरी कागज जैसे RC, इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट और सर्विस रिकॉर्ड जरूर चेक करें। इंजन और चेसिस नंबर का मिलान करना न भूलें। अगर गाड़ी लोन पर रही है, तो बैंक का NOC लेना बेहद जरूरी है।

एक्सीडेंट हिस्ट्री जरूर देखें
कई बार एक्सीडेंट हुई कार को इस तरह ठीक किया जाता है कि वह नई जैसी लगती है। बॉडी पैनल, पेंट और वेल्डिंग को ध्यान से जांचें। दरवाजों या बोनट के गैप असमान हों, तो सावधान हो जाएं।

इंजन की स्थिति पर ध्यान दें
इंजन कार का सबसे अहम हिस्सा होता है। स्टार्ट करते समय आवाज, वाइब्रेशन और धुएं पर ध्यान दें। हमेशा ठंडे इंजन पर गाड़ी स्टार्ट करें और टेस्ट ड्राइव जरूर लें।

ओडोमीटर पर न करें पूरी तरह भरोसा
अक्सर पुरानी कारों में माइलेज कम दिखाने के लिए छेड़छाड़ की जाती है। स्टीयरिंग, सीट और पैडल के घिसाव से असली उपयोग का अंदाजा लगाएं और सर्विस रिकॉर्ड से मिलान करें।

कार की उम्र और वैलिडिटी चेक करें
भारत में कार की वैध उम्र 15 साल होती है। इसलिए मैन्युफैक्चरिंग डेट जरूर देखें। 2 से 5 साल पुरानी कार खरीदना सबसे बेहतर माना जाता है।

सर्विस और पार्ट्स की उपलब्धता जानें
सिर्फ सस्ती कीमत देखकर कार न खरीदें। उसके सर्विस सेंटर और स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता पहले ही जांच लें।

कीमत पर करें सही नेगोशिएशन
जल्दबाजी से बचें और मार्केट में उसी मॉडल की कीमत का अंदाजा लगाकर ही डील करें। छोटी कमियों के आधार पर कीमत कम कराना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

(मंजू कुमारी)