Awards 2026: मारुति सुजुकी बनी ‘रोड सेफ्टी चैंपियन ऑफ द ईयर’, एक्सपोर्ट में भी नंबर-1

maruti-suzuki-road-safety-champion-of-the-year awards-2026
X

मारुति सुजुकी रोड सेफ्टी चैंपियन ऑफ द ईयर 

मारुति सुजुकी देश की इकलौती कार कंपनी है, जो सबसे किफायती कार के बेस वेरिएंट में भी 6 एयरबैग स्टैंडर्ड उपलब्ध करा रही है। कंपनी की कई कारों को क्रैश टेस्ट में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है।

Awards 2026: पिछले दिनों Auto9 Awards 2026 में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (MSIL) को ‘रोड सेफ्टी चैंपियन ऑफ द ईयर’ के प्रतिष्ठित खिताब से सम्मानित किया गया है। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह अवॉर्ड प्रदान किया, जिसे मारुति सुजुकी की ओर से सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती ने ग्रहण किया।

रोड सेफ्टी में क्यों चुनी गई मारुति सुजुकी?

मारुति सुजुकी भारत की एकमात्र ऐसी कार निर्माता बन चुकी है, जो अपनी सबसे किफायती कार के बेस वेरिएंट में भी 6 एयरबैग स्टैंडर्ड देती है। कंपनी की कई कारें भारत NCAP और ग्लोबल NCAP में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग हासिल कर चुकी हैं। इसके साथ ही, मारुति सुजुकी देशभर में एजुकेशन, इवैल्यूएशन, एनफोर्समेंट और इमरजेंसी केयर ट्रेनिंग जैसे रोड सेफ्टी प्रोग्राम भी चला रही है।

एक्सपोर्ट चैंपियन ऑफ द ईयर भी बनी

  • रोड सेफ्टी अवॉर्ड के अलावा, मारुति सुजुकी को फोर-व्हीलर कैटेगरी में ‘एक्सपोर्ट चैंपियन ऑफ द ईयर’ भी चुना गया है। कंपनी 2025 में 3.95 लाख गाड़ियों का निर्यात कर भारत की सबसे बड़ी कार एक्सपोर्टर बनी और लगातार पांचवें साल यह मुकाम बनाए रखा।
  • मारुति सुजुकी अब e-Vitara EV और Fronx (ग्लोबल मार्केट में Across) जैसे मॉडलों के जरिए 100 से ज्यादा देशों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है, जो ‘Make in India, For the World’ पहल को मजबूत करता है। वहीं, हाल ही में लॉन्च हुई कॉम्पैक्ट SUV विक्टोरिस को Viewers’ Choice Car of the Year चुना गया है।

अवॉर्ड पर राहुल भारती की प्रतिक्रिया

राहुल भारती ने कहा कि क्वालिटी, टेक्नोलॉजी और लागत में प्रतिस्पर्धा अहम है, लेकिन इसकी असली जड़ अनुशासन, समर्पण और देशप्रेम है।

ADTT पहल ने बदली ड्राइविंग टेस्ट सिस्टम

मारुति सुजुकी ने देश में Automated Driving Test Track (ADTT) की शुरुआत कर ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया है। हाई-डेफिनिशन कैमरों और एनालिटिक्स आधारित इन ट्रैकों को अब तक दिल्ली, उत्तराखंड, बिहार, हरियाणा और यूपी में 45 स्थानों पर लागू किया जा चुका है। यह मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर सड़क सुरक्षा सुधार का उदाहरण बन रहा है।

(मंजू कुमारी)

WhatsApp Button व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें WhatsApp Logo

Tags

Next Story