India-EU Trade Deal: 18 साल बाद ऐतिहासिक समझौता, लग्जरी कारें हो सकती हैं 70% तक सस्ती

लग्जरी कारें 70% तक सस्ती हो सकती हैं
India-EU Trade Deal: भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच 18 साल लंबी बातचीत के बाद आखिरकार फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर सहमति बन गई है। 16वें भारत-EU समिट में इस बड़े व्यापारिक समझौते का ऐलान किया गया। न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह समझौता 2027 से लागू हो सकता है। इस डील का सीधा फायदा भारतीय ग्राहकों को मिलने की उम्मीद है, खासतौर पर लग्जरी कार खरीदने वालों को।
इंपोर्ट ड्यूटी में होगी बड़ी कटौती
India-EU Trade Deal के तहत यूरोप से भारत आने वाली पूरी तरह इंपोर्टेड (CBU) कारों पर लगने वाली भारी इंपोर्ट ड्यूटी में बड़ी कटौती की जा सकती है। फिलहाल इन कारों पर 70% से लेकर 110% तक टैक्स लगता है, जिसकी वजह से उनकी कीमत भारत में दोगुनी या तिगुनी हो जाती है। नई डील के बाद यह इंपोर्ट ड्यूटी घटकर सिर्फ 10% तक आ सकती है। इससे यूरोपीय लग्जरी कारों की कीमतों में 50 से 70 फीसदी तक की गिरावट संभव है।
कीमतों में कितना आएगा अंतर?
मान लीजिए किसी BMW या Mercedes कार की इंपोर्ट वैल्यू 20 लाख रुपये है। मौजूदा टैक्स स्ट्रक्चर के तहत इसकी ऑन-रोड कीमत 40 से 50 लाख रुपये तक पहुंच जाती है। लेकिन अगर इंपोर्ट ड्यूटी 10% हो जाती है, तो वही कार 22 से 25 लाख रुपये के करीब मिल सकती है, जो लग्जरी कार खरीदारों के लिए बड़ी राहत होगी।
किन ब्रांड्स को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
इस समझौते से BMW, Mercedes-Benz, Volkswagen, Audi और Porsche जैसे यूरोपीय ब्रांड्स को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है। BMW 3 Series, X5, Mercedes C-Class, E-Class, S-Class, Audi A4, Q7 और Volkswagen Tiguan जैसी कारें पहले के मुकाबले काफी किफायती हो सकती हैं।
ऑटो और EV सेगमेंट पर क्या होगा असर?
India-EU FTA को भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है। जहां ग्राहकों को सस्ती लग्जरी कारों का फायदा मिलेगा, वहीं लोकल मैन्युफैक्चरिंग करने वाली कंपनियों पर प्रतिस्पर्धा का दबाव बढ़ सकता है। इसके साथ ही, यूरोपीय EV कारों की एंट्री से भारत का इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट भी तेजी से आगे बढ़ सकता है।
(मंजू कुमारी)
