Budget 2026: भारत में EV सेक्टर को बड़ा बूस्ट, मिडिल क्लास को मिल सकता है सीधा फायदा

PM E-DRIVE स्कीम के तहत 1,500 करोड़ रुपए का बजट
Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को Union Budget 2026-27 पेश किया, जिसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य भारत को तेजी से ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में आगे बढ़ाना है। बजट में किए गए कई ऐलान आने वाले वर्षों में EV की कीमतों और इस्तेमाल दोनों पर असर डाल सकते हैं, जिससे मिडिल क्लास को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
रेयर अर्थ मिनरल्स से घटेगी बैटरी की लागत
Budget 2026 में केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल्स के लिए स्पेशल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है। ये मिनरल्स EV मोटर्स और बैटरी निर्माण के लिए बेहद अहम होते हैं। फिलहाल भारत को इनका बड़ा हिस्सा आयात करना पड़ता है, जिससे EV की लागत बढ़ जाती है। घरेलू उत्पादन शुरू होने से आयात पर निर्भरता घटेगी और लंबे समय में EV बैटरियां सस्ती हो सकती हैं।
PM E-DRIVE और PLI स्कीम से मिलेगा सपोर्ट
- सरकार ने PM E-DRIVE स्कीम के तहत 1,500 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। इसके अंतर्गत EV चार्जिंग और डिजिटल पेमेंट के लिए एक सुपर ऐप लॉन्च किया जाएगा, जिससे इलेक्ट्रिक व्हीकल का इस्तेमाल और भी आसान हो जाएगा।
- इसके साथ ही ऑटो और ऑटो कंपोनेंट्स के लिए PLI स्कीम का बजट बढ़ाकर 5,940 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे लोकल EV मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और उत्पादन लागत में कमी आने की उम्मीद है।
EV होंगी सस्ती या महंगी?
इन बजटीय फैसलों का असर तुरंत नहीं दिखेगा, लेकिन लॉन्ग टर्म में EV कारें 10 से 20 प्रतिशत तक सस्ती हो सकती हैं। सरकार ने बैटरी स्टोरेज सिस्टम के लिए 1,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त फंडिंग और लिथियम-आयन बैटरी से जुड़े कैपिटल गुड्स पर कस्टम ड्यूटी में छूट का भी ऐलान किया है। हालांकि, अगर ग्लोबल सप्लाई चेन में कोई बाधा आती है, तो EV की कीमतें कुछ समय तक स्थिर रह सकती हैं।
(मंजू कुमारी)
