EV: मॉन्ट्रा इलेक्ट्रिक ने लॉन्च किया भारत का पहला PM E-Drive सर्टिफाईड इलेक्ट्रिक ट्रक; अल्ट्राटेक को मिली पहली डिलीवरी

Montra Electric Truck Rhino 5538 EV
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मॉन्ट्रा इलेक्ट्रिक PM E-Drive सर्टिफिकेशन पाने वाली पहली कंपनी बनी।

मॉन्ट्रा इलेक्ट्रिक PM E-Drive सर्टिफिकेशन पाने वाली पहली कंपनी बनी। राइनो 5538 ईवी ट्रक पर मिलेगा ₹9.6 लाख का इंसेंटिव। जानें इस इलेक्ट्रिक हैवी ट्रक की रेंज और फीचर्स।

Montra Electric Rhino 5538 EV: भारत में स्वच्छ ऊर्जा और क्लीन मोबिलिटी के क्षेत्र में आज एक बड़ा अध्याय जुड़ गया है। मुरुगप्पा ग्रुप की कंपनी मॉन्ट्रा इलेक्ट्रिक ने देश का पहला 'पीएम ई-ड्राइव' (PM E-Drive) सर्टिफाईड हैवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक ट्रक बाजार में उतार दिया है। कंपनी इस महत्वपूर्ण सरकारी योजना के तहत प्रमाणन प्राप्त करने वाली भारत की पहली हैवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक ट्रक निर्माता बन गई है। इस ऐतिहासिक अवसर पर मॉन्ट्रा इलेक्ट्रिक ने अपना पहला सर्टिफाईड ट्रक, राइनो 5538 ईवी (Rhino 5538 EV), देश की अग्रणी सीमेंट निर्माता कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड को सौंप दिया है।

रु 9.6 लाख तक का बड़ा इंसेंटिव और कमर्शियल मजबूती सरकार की 10,900 करोड़ रुपये की 'पीएम ई-ड्राइव' योजना इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो रही है। इस योजना के तहत ई-ट्रकों के लिए निर्धारित 500 करोड़ रुपये के फंड से फ्लीट ऑपरेटरों को भारी लाभ मिलेगा। राइनो 5538 ईवी खरीदने वाले ग्राहकों को प्रति वाहन पर लगभग 9.6 लाख रुपये तक की सीधी सब्सिडी या इंसेंटिव प्राप्त होगा। इस कदम से न केवल ट्रक की खरीद लागत कम होगी, बल्कि ईंधन की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से भी ऑपरेटरों को राहत मिलेगी, जिससे भारी इलेक्ट्रिक ट्रकों का कमर्शियल उपयोग और अधिक व्यावहारिक हो जाएगा।

भारतीय सड़कों के लिए पावरफुल और हाई-टेक 'राइनो' मॉन्ट्रा इलेक्ट्रिक का राइनो 5538 ईवी विशेष रूप से भारतीय परिस्थितियों और भारी माल ढुलाई की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यह 6X4 और 4X2 ट्रैक्टर ट्रेलर वेरिएंट में उपलब्ध है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी 282 kWh की शक्तिशाली LFP बैटरी है, जो 380 HP की ताकत और 2000 Nm का जबरदस्त टॉर्क पैदा करती है। यह ट्रक एक बार चार्ज होने पर करीब 198 किलोमीटर की रेंज देता है और इसमें बैटरी स्वैपिंग का विकल्प भी मौजूद है, जिससे बैटरी महज 6 मिनट में बदली जा सकती है। यह तकनीक स्टील प्लांट, खनन और सीमेंट लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों के लिए इसे सबसे उपयुक्त बनाती है।

नेट-जीरो लक्ष्य की ओर बढ़ते कदम: चेयरमैन अरूण मुरूगप्पन इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए मॉन्ट्रा इलेक्ट्रिक के चेयरमैन श्री अरूण मुरूगप्पन ने कहा कि फ्रेट परिवहन का डीकार्बोनाइजेशन भारत के ऊर्जा रूपांतरण की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की प्रगतिशील नीतियों का आभार व्यक्त किया, जिनके कारण हैवी कमर्शियल वाहनों में बिजली से चलने वाली तकनीक को अपनाना संभव हो पाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सर्टिफिकेशन न केवल उत्सर्जन कम करने में मदद करेगा, बल्कि भारत को ग्लोबल ईवी मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के सपने को भी साकार करेगा।

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