3 मार्च 2026 के चंद्र ग्रहण पर सूतक काल कब से शुरू होगा? जानें भोजन के नियम, किन लोगों को छूट है, तुलसी दल का महत्व और होली पर ग्रहण का ज्योतिषीय प्रभाव।

Chandra Grahan 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, आज यानी 3 मार्च 2026 को पड़ने वाला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा और होली के आसपास होने के कारण धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। ऐसे समय में लोगों के मन में सबसे बड़ा प्रश्न यही होता है कि सूतक के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं। इस दौरान भोजन संबंधी क्या नियम अपनाने चाहिए। ज्योतिषाचार्य पंडित डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से जानें।

क्या है सूतक काल?
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल आरंभ हो जाता है। इस दौरान संवेदनशील समय माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान वातावरण की ऊर्जा में बदलाव आता है, इसलिए पूजा-पाठ, भोजन पकाना और शुभ कार्यों से परहेज करने की सलाह दी जाती है।

सूतक में भोजन के नियम

  • सूतक लगते ही भोजन पकाना और खाना टालना चाहिए।
  • पहले से पका हुआ भोजन ग्रहण से पहले समाप्त कर लेना उचित माना जाता है।
  • ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर ताजा भोजन बनाना श्रेष्ठ माना गया है।
  • कई लोग इस दौरान उपवास या फलाहार रखते हैं।

किन लोगों को छूट दी गई है?

  • बच्चे – छोटे बच्चों को भूखा नहीं रखा जाता।
  • वृद्ध – जिनकी सेहत कमजोर हो।
  • रोगी – जिन्हें दवा समय पर लेनी हो।
  • गर्भवती महिलाएं – उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाती है।

तुलसी दल का उपाय
घर में यदि पहले से दूध, दही, पानी या पका हुआ भोजन रखा हो, तो परंपरा के अनुसार उसमें तुलसी के पत्ते डाल दिए जाते हैं। मान्यता है कि तुलसी में शुद्धिकरण गुण होते हैं। हालांकि, वैज्ञानिक दृष्टि से यह एक धार्मिक आस्था का विषय है।

2026 के पहले चंद्र ग्रहण का समय

  • ग्रहण प्रारंभ – दोपहर 3:20 बजे
  • पूर्ण ग्रहण – शाम 5:04 बजे
  • ग्रहण समाप्ति – शाम 6:46 बजे
  • फाल्गुन पूर्णिमा समाप्ति – शाम 5:07 बजे

सूतक और भोजन के नियम आस्था से जुड़े हैं। यदि आप धार्मिक मान्यताओं का पालन करते हैं, तो नियमों का सम्मान करें, लेकिन स्वास्थ्य, उम्र और परिस्थिति को प्राथमिकता देना सबसे आवश्यक है।