21 April 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार, 21 अप्रैल 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज बैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जो रात्रि 1 बजकर 23 मिनट तक रहेगी, इसके बाद षष्ठी तिथि आरंभ हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
नक्षत्र
नक्षत्र की बात करें तो मृगशीर्षा नक्षत्र रात्रि 23:59 तक रहेगा। यह नक्षत्र जिज्ञासा, खोज और मानसिक सक्रियता का प्रतीक माना जाता है। इसके प्रभाव से लोग नए विचारों की ओर आकर्षित होते हैं और रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ती है। वहीं शोभन योग दोपहर 12:32 तक रहेगा, जिसे शुभ और सौम्य कार्यों के लिए अनुकूल योग माना जाता है।
चंद्रमा
चंद्रमा इस दिन वृषभ राशि में गोचर करेगा, जिससे स्थिरता, धैर्य और भौतिक सुखों की ओर झुकाव बढ़ सकता है। वृषभ राशि में चंद्रमा का होना आर्थिक और पारिवारिक मामलों के लिए सकारात्मक संकेत देता है।
आज का पंचांग
सूर्योदय प्रातः 05:53 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 18:32 बजे। चंद्रोदय सुबह 08:50 बजे और चन्द्रास्त रात 23:05 बजे होगा। विक्रमी संवत 2083 और शक संवत 19478 (पराभव) चल रहा है। यह दिन वैशाख मास के अंतर्गत आता है, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है।
करण और योग की स्थिति
दिन के दौरान बावा करण दोपहर 14:48 तक रहेगा, इसके बाद बालवा करण शुरू होगा और पंचमी तिथि के अंत तक चलेगा। करणों का प्रभाव दैनिक कार्यों की सफलता और निर्णय क्षमता पर पड़ता है। बावा और बालवा दोनों ही सामान्यतः शुभ कार्यों के लिए ठीक माने जाते हैं।
शुभ मुहूर्त
इस दिन का सबसे महत्वपूर्ण शुभ समय अभिजीत मुहूर्त है, जो 11:47 से 12:38 तक रहेगा। इस अवधि को अत्यंत शुभ माना जाता है और इसमें किसी भी नए कार्य, निवेश, या महत्वपूर्ण निर्णय की शुरुआत की जा सकती है।
आज का चौघड़िया
दिन का चौघड़िया भी कई शुभ समय प्रदान करता है। लाभ और अमृत चौघड़िया विशेष रूप से लाभकारी माने जाते हैं। 10:37 से 12:12 तक लाभ चौघड़िया और 12:12 से 13:46 तक अमृत चौघड़िया रहेगा, जो सफलता और सकारात्मक परिणाम देने वाला समय माना जाता है।
अशुभ समय और सावधानियां
दिन में कुछ अशुभ मुहूर्त भी रहेंगे, जिनमें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। राहुकाल 15:22 से 16:57 तक रहेगा, इस दौरान नए कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए। यमगण्ड काल 09:03 से 10:38 तक और गुलिक काल 12:12 से 13:47 तक रहेगा। इन समयों में यात्रा, निवेश या शुभ कार्य टालना बेहतर होता है।
रात का चौघड़िया
रात्रि में भी कुछ शुभ समय मिलेंगे। 19:56 से 21:21 तक लाभ चौघड़िया और 22:46 से 00:11 तक शुभ चौघड़िया रहेगा। इसके अतिरिक्त 00:11 से 01:36 तक अमृत चौघड़िया रहेगा, जो विशेष रूप से शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
21 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक, आध्यात्मिक और व्यावहारिक दृष्टि से संतुलित माना जा सकता है। पंचमी तिथि, मृगशीर्षा नक्षत्र और शोभन योग का संयोजन सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। यह दिन ज्ञान, योजना, निवेश और पारिवारिक कार्यों के लिए अनुकूल है, बशर्ते अशुभ समयों का ध्यान रखा जाए।








