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8 March 2026 Ka Panchang: यहां पढ़ें रविवार (8 मार्च 2026) चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि का पंचांग, शुभ मुहूर्त, तिथि शुभ योग; नक्षत्र और राहुकाल।

8 March 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार, 8 मार्च 2026, रविवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है, जो रात्रि 9 बजकर 12 मिनट तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।

नक्षत्र की बात करें तो इस दिन स्वाती नक्षत्र दोपहर 1 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इसके बाद विशाखा नक्षत्र का आरंभ हो जाएगा। ज्योतिष के अनुसार स्वाती नक्षत्र को स्वतंत्रता, संतुलन और प्रगति से जोड़ा जाता है, जबकि विशाखा नक्षत्र लक्ष्य प्राप्ति और प्रयासों की सफलता का प्रतीक माना जाता है।

रंग पंचमी 2026
8 मार्च 2026 को देश के कई हिस्सों में रंग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। यह त्योहार होली के कुछ दिन बाद मनाया जाता है और विशेष रूप से मध्य भारत और पश्चिम भारत में इसका काफी महत्व है। इस दिन लोग एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर खुशी और सौहार्द का संदेश देते हैं।

रंग पंचमी के दिन शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:16 बजे से 06:06 बजे तक
  • प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:40 बजे से 06:53 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:44 बजे से 07:08 बजे तक
  • सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:46 बजे से 07:59 बजे तक

8 मार्च 2026 का राहुकाल

  • दिल्ली: शाम 04:57 बजे से 06:25 बजे तक
  • मुंबई: शाम 05:17 बजे से 06:46 बजे तक
  • चंडीगढ़: शाम 04:58 बजे से 06:26 बजे तक
  • लखनऊ: शाम 04:43 बजे से 06:11 बजे तक
  • भोपाल: शाम 04:57 बजे से 06:26 बजे तक
  • कोलकाता: शाम 04:14 बजे से 05:43 बजे तक
  • अहमदाबाद: शाम 05:17 बजे से 06:45 बजे तक
  • चेन्नई: शाम 04:49 बजे से 06:18 बजे तक

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय: सुबह 6:53 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 6:46 बजे

रंग पंचमी का धार्मिक महत्व
रंग पंचमी को आनंद और उत्साह का प्रतीक पर्व माना जाता है। इस दिन लोग एक-दूसरे पर रंग और गुलाल डालकर खुशियां साझा करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन वातावरण में रंगों का उत्सव मनाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार होता है और नकारात्मकता दूर होती है। कई कथाओं में यह भी बताया जाता है कि इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के बीच रंगों का उत्सव मनाया जाता था। इसलिए भक्त इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हैं।

ऐसी मान्यता भी है कि रंग पंचमी के दिन देवी-देवता पृथ्वी पर आकर भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। यही कारण है कि कई लोग इस दिन विशेष पूजा, भजन और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। रंगों का यह त्योहार प्रेम, सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है।

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