5 February 2026 Ka Panchang: यहां जानें आज का पंचांग, तिथि, शुभ मुहूर्त, योग; नक्षत्र और राहुकाल

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5 February 2026 Ka Panchang: यहां पढ़ें गुरुवार (5 फरवरी 2026) फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का पंचांग, शुभ मुहूर्त, तिथि शुभ योग; नक्षत्र और राहुकाल।

5 February 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार आज 5 फरवरी 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है और साथ ही संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत भी रखा जाएगा। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार दिन भर कई महत्वपूर्ण योग और नक्षत्र का संयोग देखने को मिलेगा, जिसका प्रभाव व्रत-पूजन और शुभ कार्यों पर पड़ेगा। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।

आज की तिथि और योग

पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि 5 फरवरी को देर रात 12 बजकर 23 मिनट तक प्रभावी रहेगी। वहीं सुकर्मा योग आज रात 12 बजकर 4 मिनट तक बना रहेगा। यह योग शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। इसके अलावा आज उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का संयोग भी रहेगा, जो कि रात 10 बजकर 58 मिनट तक प्रभावी होगा।

व्रत-त्योहार

आज के दिन संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत रखा जाएगा। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को विशेष रूप से मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। व्रती दिन भर उपवास रखकर रात में चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत का पारण करते हैं।

चंद्रोदय का समय

आज चंद्रमा का उदय रात 9 बजकर 35 मिनट पर होगा। इसी समय चंद्रमा को अर्घ्य देकर संकष्टी चतुर्थी व्रत का पारण किया जाएगा।

राहुकाल का समय

  • दिल्ली: 11:13 AM से 12:35 PM
  • मुंबई: 11:28 AM से 12:53 PM
  • चंडीगढ़: 11:16 AM से 12:37 PM
  • लखनऊ: 10:58 AM से 12:21 PM
  • भोपाल: 11:10 AM से 12:34 PM
  • कोलकाता: 10:27 AM से 11:51 AM
  • अहमदाबाद: 11:30 AM से 12:53 PM
  • चेन्नई: 10:56 AM से 12:23 PM

सूर्योदय और सूर्यास्त

  • सूर्योदय: सुबह 7:06 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 6:03 बजे

संकष्टी गणेश चतुर्थी का धार्मिक महत्व

शास्त्रों के अनुसार, हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी गणेश चतुर्थी कहा जाता है, जबकि शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश की विशेष पूजा करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों द्वारा किया जाता है जो जीवन में चल रही परेशानियों से छुटकारा पाना चाहते हैं।

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