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Sarva Pitru Amavasya 2020 Calendar/ सर्व पितृ अमावस्या 2020 कैलेंडर

Sarva Pitru Amavasya 2020 Calendar : सर्व पितृ अमावस्या पितृ पक्ष (Pitru Paksha) का अंतिम दिन होता है और इस दिन सभी पितरों का श्राद्ध और तर्पण एक साथ किया जा सकता है। लेकिन यदि आप नहीं जानते कि आपको किस समय पर अपने पितरों का श्राद्ध और तर्पण करना चाहिए तो इसके लिए आपको सर्व पितृ अमावस्या का कैलेंडर (Sarva Pitru Amavasya Calendar) अवश्य जान लेना चाहिए तो चलिए जानते हैं सर्व पितृ अमावस्या का कैलेंडर।

Sarva Pitru Amavasya 2020 Calendar/ सर्व पितृ अमावस्या 2020 कैलेंडर
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Sarva Pitru Amavasya 2020 Calendar/ सर्व पितृ अमावस्या 2020 कैलेंडर

Sarva Pitru Amavasya 2020 Calendar : सर्व पितृ अमावस्या 17 सितंबर 2020 (Sarva Pitru Amavasya 17 September 2020) को है। यह दिन पितृ पक्ष का अखिरी और सबसे महत्वपूर्म दिन माना जाता है। यदि आपको अपने किसी मृत परिजन की तिथि नहीं पता है तो आप इस दिन उसका श्राद्ध कर सकते हैं। इसके अलावा आप इस दिन अपने सभी पितरों का श्राद्ध कर्म (Pitra Sharad Karma) करके उनका आशीर्वाद भी प्राप्त कर सकते हैं। लेकिन आपको इसके सर्व पितृ अमावस्या का कैलेंडर अवश्य ही जान लेना चाहिए। जिससे आप सभी समय पर अपने पितरों का श्राद्ध करके उन्हें तृप्त कर सकें और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।

सर्व पितृ अमावस्या कैलेंडर 2020 (Sarva Pitru Amavasya Calendar 2020)

तिथि

अमावस्या

दिन

मंगलवार

माह

आश्विन मास

शुभ योग


सुबह 11 बजकर 53 मिनट तक

अभिजित मुहूर्त मुहूर्त

सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 40 मिनट तक

विजय मुहूर्त

  • दोपहर 02 बजकर 18 मिनट से दोपहर 03 बजकर 7 मिनट तक

नक्षत्र

उत्तराफाल्गुनी

योग

शुभ

करण

नाग

चंद्रमा

सिंह राशि

सूर्य राशि

कन्या राशि

गोधूलि मुहूर्त

शाम 6 बजकर 11 मिनट से शाम 06 बजकर 35 मिनट तक

निशिता मुहूर्त

रात 11 बजकर 52 मिनट से अगले दिन रात 12 बनतक 39 मिनट तक

राहुकाल

दोपहर 01 बजकर 47 मिनट से शाम 03 बजकर 19 मिनट तक

सूर्योदय

06:07 ए एम

सूर्यास्त

06:23 पी एम

सर्व पितृ अमावस्या के दिन ग्रह स्थिति (Sarva Pitru Amavasya Ke Din Grah Stithi)

सर्व पितृ अमावस्या के दिन यदि ग्रह स्थितियों की बात करें तो इस दिन चंद्रमा सिंह राशि और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा। इसके अलावा सूर्य कन्या राशि में, बुध कन्या राशि में, मंगल मेष राशि में व्रकी, बृहस्पति और केतु धनु राशि में वक्री, शनि मकर राशि में वक्री,शुक्र कर्क राशि में और राहु मिथुन राशि में रहेंगे। इस दिन ज्यादातर ग्रह अपनी राशि या अपनी मित्र राशि में हैं।इसलिए इस दिन आपको अपने पितरों के श्राद्ध और तर्पण का कई गुना फल मिल सकता है और साथ ही आप उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।


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